7 अप्रैल: विश्व स्वास्थ्य दिवस
विश्व स्वास्थ्य दिवस सम्पूर्ण विश्व में 7 अप्रैल 2015 को मनाया गया. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2015 के विश्व स्वास्थ्य दिवस का विषय ‘खेत से थाली तक – खाद्य पदार्थ को सुरक्षित करो’ (From farm to plate, make food safe) रखा.
विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य विश्व भर में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार को स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण के लिए प्रेरित करना है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वर्ष 2014 के विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर जारी किया गया नारा है- 'छोटा डंक-बड़ा खतरा', जिसका मुख्य थीम है, वेक्टर यानी मच्छरों-मक्खियों से होने वाले रोगों पर लगाम लगाना.
विश्व स्वास्थ्य दिवस और भारत
विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल 2015) के अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वावधान में भारत सरकार ने बच्चों को 7 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए पूरे देश में 'इंद्रधनुष' नामक टीकाकरण अभियान शुरू किया. यह मिशन पूरे भारतवर्ष में 201 जिलों में शुरू किया गया.
इसका लक्ष्य रोकी जा सकने वाली सात बीमारियों से जुडे टीकों को 2020 तक उन सभी बच्चों तक पहुंचाना है जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है या जिन्हें आंशिक तौर पर टीके लगे हों.
‘इंद्रधनुष’ के सात रंगों से प्रेरित इस मिशन का नाम 'इंद्रधनुष' रखा गया है जो बच्चों को डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस, पोलियो, क्षय रोग (टी.बी), चेचक और हेपेटाइटिस बी जैसी सात बीमारियों से बचाव का टीका उपलब्ध कराएगा.
विश्व स्वास्थ्य दिवस का प्रारम्भ
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य मामलों की एजेंसी ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी. इसीलिए 7 अप्रैल को ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है. पहला ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ 7 अप्रैल सन 1950 को मनाया गया था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के लोगों के स्वास्थ्य का स्तर ऊंचा रखना है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन से संबंधित मुख्य तथ्य
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में हुई, जहां वर्तमान में इस संस्था का मुख्यालय भी है.
डब्ल्यूएचओ की स्थापना के प्रस्ताव पर 22 जुलाई 1946 को संयुक्त राष्ट्र के तत्कालीन सभी 61 सदस्य देशों ने सहमति जताई थी. वर्ष 2014 तक विश्व स्वास्थ्य संगठन के सदस्य देशों की संख्या 194 रही.
अपनी स्थापना से लेकर अब तक डब्ल्यूएचओ ने कई जानलेवा बीमारियों और चेचक जैसी महामारियों को मिटाने में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं. इस समय संगठन का खास ध्यान टीबी, कैंसर और एचआईवी जैसी बड़ी बीमारियों पर है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौती के रूप में सामने खड़ी हैं. पोषण, खाद्य सुरक्षा और यौन संबंधी बीमारियां भी डब्ल्यूएचओ के कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण रूप से शामिल है.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation