हंगरी के लेखक लैस्कालो करास्जनाहोरकाई को वर्ष 2015 के मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से 19 मई 2015 को सम्मानित किया गया. लंदन स्थित विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय में आयोजित पुरस्कार समारोह में विजेता की घोषणा की गई.
यह पुरस्कार सतत सृजन, विकास और वैश्विक स्तर पर इंग्लिश फिक्शन में उल्लेखनीय योगदान हेतु किसी लेखक को प्रदान किया जाता है.
61 वर्षीय करास्जनाहोरकाई को उनकी प्रमुख कृति "द मेलानचोली ऑफ रेसिस्टेंस"," सियोबो देयर बिलो" और "सतनतैंगो" के लिए इस पुरस्कार के लिए चुना गया. उन्हें इस पुरस्कार के तहत 60 हजार पाउण्ड की राशि प्रदान की गई.
भारत के अमिताव घोष सहित कुल 10 लेखक मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 2015 (Man Booker International Prize 2015) के दावेदार थे. लैस्कालो करास्जनाहोरकाई ने 10 अन्य दावेदारों को पीछे छोड़ते हुए मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 2015 (Man Booker International Prize 2015) जीता.
इससे पहले वर्ष 2013 में लीडिया डेविस, वर्ष 2011 में फ़िलिप रौथ, वर्ष 2009 में एलिस मनरो, वर्ष 2007 में चिनुआ अचेबे और वर्ष 2005 में इस्माइल कादरी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया.
लैस्कालो करास्जनाहोरकाई के बारे में
• करास्ज्नाहोरकाई ने वर्ष 1985 में "सतनतैंगों" की रचना की थी जिस पर वर्ष 1994 में हंगीरियाई फिल्म निर्माता बेला टार ने फिल्म भी बनाई. इसमें पूर्वी यूरोप में साम्यवाद के पतन को दर्शाया गया.
• वर्ष 1993 में उन्हें "द मेलानचोली ऑफ रेसिस्टेंस" के लिए जर्मन बेस्टएनलिस्ट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया.
• उन्हें हंगरी के सर्वोच्च पुरस्कार द कोस्सुथ पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.
मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्रत्येक वर्ष किसी एक कथा (Fiction) हेतु दिए जाने वाले मैन बुकर पुरस्कार से अलग है. मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार साहित्यिक उत्कृष्टता के लिए किसी लेखक को दिया जाता है.
मैन बुकर अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार (Man Booker International Prize) दो वर्ष के अंतराल के बाद दिया जाने वाला पुरस्कार है. इसकी शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी. अंग्रेजी या अंग्रेजी अनुवाद में व्यापक रूप से उपलब्ध किसी कृति के रचनाकार को यह पुरस्कार के लिए चुना जाता है.
यह पुरस्कार प्रत्येक दूसरे वर्ष किसी एक ऐसे लेखक को दिया जाता है जिसका प्रकाशित गल्प मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में हो अथवा उसके काम का अंग्रेजी में अनुवाद किया गया हो. इस पुरस्कार के तहत 60 हजार पाउण्ड की राशि प्रदान की जाती है. यह पुरस्कार ऐसे व्यक्ति को दिया जाता है जिसने विश्व स्तर पर उपन्यास के क्षेत्र में उपलब्धियां प्राप्त की हों.

Comments
All Comments (0)
Join the conversation