दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन कौन-सा है, जानें क्या है नाम

Last Updated: Jan 13, 2026, 18:42 IST

आपने भारतीय रेलवे में जरूर सफर किया होगा। इस दौरान आप भारत में ऊंचाई पर मौजूद अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से गुजरे होंगे। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन
दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन

दुनियाभर में रेलवे का जाल फैला हुआ है। रेलवे न सिर्फ यात्रियों को उनके स्थान पर पहुंचाने के लिए उपयोगी है, बल्कि माल की ढुलाई के लिए भी इसे सबसे उत्तम साधन माना जाता है। आपने भारतीय रेलवे में जरूर सफर किया होगा। इस दौरान आप पहाड़ी क्षेत्रों में मौजूद रेलवे स्टेशनों से भी गुजरे होंगे। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन कौन-सा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन

दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशन की बात करें, तो यह तांगगुला रेलवे स्टेशन है। यह स्टेशन चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में मौजूद है, जो कि किंगहाई-तिब्बत रेलवे का सबसे ऊंचा बिंदु भी है।

कितनी ऊंचाई पर है रेलवे स्टेशन 

तांगगुला रेलवे स्टेशन की समुद्र तल से ऊंचाई 5,068 मीटर यानि कि 16,627 फीट है। यह तांगगुला पर्वत श्रृंखला के पास है। खास बात यह है कि इस स्टेशन ने बोलिविया के कोंडो रेलवे स्टेशन का रिकॉर्ड तोड़कर सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशन का खिताब अपने नाम किया था। कोंडो रेलवे स्टेशन 4,786 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

स्टेशन पर नहीं रहता है कोई कर्मचारी

स्टेशन बहुत ही ऊंचाई पर स्थित है। ऐसे में यहां तापमान शून्य से बहुत कम रहता है। साथ ही, यहां ऑक्सीजन की अधिक कमी रहती है, जिस वजह से यहां कोई भी कर्चमारी मौजूद नहीं रहता है, बल्कि यहां ऑटोमेटिक कंट्रोल किया जाता है।

1 किलोमीटर से लंबा है प्लेटफॉर्म

पहाड़ी पर मौजूद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म की लंबाई 1.25 किलोमीटर रखी गई है। इसका उद्देश्य मालगाड़ियों और यात्रियों को अधिक जगह उपलब्ध करवाना है। इस स्टेशन पर उतरकर यात्री बर्फ से भरी वादियों का नजारा देख सकते हैं।

ट्रेनों में लगा होता है ऑक्सीजन

यहां पर हवा में बहुत ही कम ऑक्सीजन होता है। ऐसे में यहां ट्रेनों में भी प्रत्येक सीट पर ऑक्सीजन प्लग लगे होते हैं। वहीं, खिड़कियों पर एक विशेष कोटिंग भी होता है, जिससे अधिक ऊंचाई पर पहुंचने पर ट्रेन में अल्ट्रावॉयलेट किरणें अंदर नहीं पहुंचे।

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बीच में यात्रियों को नहीं होती उतरने की अनुमति

यात्रा के दौरान ट्रेन बीच में तकनीकी खराबी या फिर क्रॉसिंग के लिए रूकती है। हालांकि, इस दौरान किसी भी यात्री को ट्रेन से उतरने की अनुमति नहीं होती है। क्योंकि, यहां अधिक ऊंचाई होने के कारण एल्टीट्यूट सिकनेस होने का खतरा रहता है। 

कूलिंग पाइप्स से हुआ रेल मार्ग का निर्माण

जिस जगह पर रेलवे स्टेशन मौजूद है, वहां तक का रास्ता स्थायी बर्फ से बना हुआ है। ऐसे में गर्मी में बर्फ पिघलने की वजह से जमीन अंदर ढंसने का खतरा बना रहता है। ऐसे में इंजीनियरों ने यहां कूलिंग पाइप्स का इस्तेमाल किया है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Jan 13, 2026, 18:42 IST

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