भारतीय संविधान का सबसे बड़ा लिखित अनुच्छेद कौन-सा है, जानें
भारतीय संविधान में मूल रूप से कुल 395 अनुच्छेद हैं। हालांकि, संशोधनों के बाद इनकी संख्या बढ़कर 470 से अधिक हो गई है। इनमें एक अनुच्छेद ऐसा भी है, जो कि सबसे बड़ा और लिखित अनुच्छेद है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे।
भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जो कि 2 साल 11 महीने और 18 दिनों में बनकर तैयार हुआ था। संविधान में मूल रूप से कुल 395 अनुच्छेद थे। हालांकि, कई संशोधनों के बाद इनकी संख्या बढ़कर 470 से अधिक हो गई है। इस कड़ी में संविधान का अनुच्छेद 243 सबसे बड़ा और लिखित अनुच्छेद है। यह भारत में पंचायती राज व्यवस्था और नगर पालिकाओं से संबंधित है।
क्यों है सबसे बड़ा अनुच्छेद
भारत के मूल संविधान में अनुच्छेद 243 बहुत छोटा हुआ करता था। साल 1992 में एक बड़ा बदलाव हुआ, जिसके तहत 73वें और 74वें संविधान संशोधन के माध्यम से भारत में पंचायती राज और नगर निगमों को संवैधानिक दर्जा मिला, जिससे इस अनुच्छेद का विस्तार हुआ और यह अपने आप में एक छोटे संविधान जैसा बन गया। इस अनुच्छेद में A से लेकर ZG तक कुल 243 उप-अनुच्छेद शामिल हैं।
तीन हिस्सों में बंटा हुआ है अनुच्छेद
अनुच्छेद 243 तीन हिस्सों में बंटा हुआ है, जो कि इस प्रकार हैः
-अनुच्छेद 243 से 243O (पंचायती राज): इस अनुच्छेद में ग्राम सभा, पंचायतों का गठन और उनकी संरचना, सीटों का आरक्षण(महिलाओं और SC/ST के लिए), पंचायतों की शक्ति और अवधि, टैक्स लगाने का अधिकार और राज्य चुनाव आयोग की बात करता है।
-अनुच्छेद 243P से 243ZG (नगर पालिकाएं):इस अनुच्छेद में शहरों की वार्ड समितियां का गठन, नगर पालिकाएं और उनकी शक्तियां, वित्त आयोग व जिला योजना समितियों के बारे में बताया गया है।
अनुच्छेद 243ZH से 243ZT (को-ऑपरेटिव सोसाइटियां): इस अनुच्छेद को 97वें संशोधन करने के बाद जोड़ा गया था। यह सहकारी समितियों के प्रबंधन से संबंधित है।
संविधान में यह अनुच्छेद भी है बड़ा
संविधान में अनुच्छेद 371 भी सबसे बड़े अनुच्छेदों में गिना जाता है। इसमें 371ए से लेकर 371जे तक कई उप-अनुच्छेद दिए गए हैं। इस अनुच्छेद में नागालैंड, मणिपुर, असम, सिक्किम, आंध्र प्रदेश, अरूणाचल प्रदेश, मिजोरम, कर्नाटक और गोवा को विशेष दर्जा दर्जा देने और जनजातियों के लिए विशेष अधिकार देने की बात कही गई है।
संविधान से जुड़ा खास तथ्य
आपको बता दें कि संविधान की मूल कॉपी आज भी संसद भवन में देखी जा सकती है। इसे कांच के एक केस में रखा गया है, जिसमें एक विशेष गैस भरी हुई है, जिससे इसके पन्ने खराब न हो।
क्यों जरूरी है यह लेख
इस लेख में संविधान के अनुच्छेद 243 और 371 के बारे में जानकारी दी गई है। UPSC, PCS और SCC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में इन अनुच्छेदों से सवाल आते रहते हैं। ऐसे में यह लेख बहुत ही जरूरी है।
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