Strait of Hormuz को क्यों कहा जाता है ‘दुनिया की तेल धमनी’, यहां पढ़ें
इन दिनों संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला जारी है। इस बीच ईरान के उत्तरी दायरे में आने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य(Strait of Hormuz) भी चर्चाओं में बना हुआ है। क्योंकि, यह दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण चोक प्वाइंट में से एक है। इसे दुनिया की तेल धमनी भी कहा जाता है, क्योंकि, दुनिया का एक-तिहाई तेल इसे रास्ते से आपूर्ति किया जाता है। इस लेख में हम स्ट्रेट के बारे में विस्तार से जानेंगे।
आपने Strait of Hormuz के बारे में पढ़ा या सुना ही होगा। इन दिनों यह और भी चर्चाओं में है, क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला किया जा रहा है। वहीं, Strait of Hormuz ईरान के उत्तरी दायरे में आता है। यह दुनिया में तेल की आपूर्ति कि लिए महत्त्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।
क्योंकि, यहां से दुनिया के करीब एक-तिहाई तेल की मांग की आपूर्ति होती है। यदि युद्ध की वजह से इस रास्ते पर प्रभाव पड़ा, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर प्रभाव पड़ेगा। यही वजह है कि इस रास्ते को दुनिया की तेल धमनी भी कहा जाता है। क्या है इसकी भौगोलिक स्थिति और क्या है इसका रणनीतिक और आर्थिक महत्त्व, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
क्या है Strait of Hormuz
होर्मुज जलडमरूमध्य एक समुद्री संकरा रास्ता है, जो कि अपनी शिपिंग लेन के लिए भी जाना जाता है। यहां से तेल व गैस टैंकर पास होते हैं, जिससे पूरी दुनिया में तेल व गैस की जरूरतों को पूरा किया जाता है। यहां से पूरी दुनिया की कीरब एक-तिहाई तेल व गैस की आपूर्ति की जाती है।
क्या है भौगोलिक स्थिति
Strait of Hormuz की भौगोलिक स्थिति बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी व अरब सागर से जोड़ता है। इसके उत्तर में ईरान है, तो दक्षिण में ओमान व संयुक्त अरब अमीरात है।
कितना लंबा-चौड़ा है Strait of Hormuz
इसके कुल आकार की बात करें, तो स्ट्रेट की लंबाई 167 किलोमीटर है, वहीं सबसे संकरे बिंदु पर इसकी चौड़ाई 33 किलोमीटर है। यहां से जहाजों के निकलने के लिए बहुत ही संकरा रास्ता है, जो कि दोनों तरफ 3-3 किलोमीटर है।
क्या है आर्थिक और रणनीतिक महत्त्व
Strait of Hormuz का बहुत ही आर्थिक और रणनीतिक महत्त्व है। यहां से पूरी दुनिया के समुद्री तेल व्यापार का एक-तिहाई व्यापार होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस रास्ते से प्रतिदिन करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है। वहीं, कतर से होने वाली प्राकृतिक गैस की सप्लाई भी इसी रास्ते से होती है।
क्यों कहा जाता है चोक प्वाइंट
Strait of Hormuz के उत्तरी तट पर ईरान का नियंत्रण है। ऐसे में युद्ध के समय में यह एक हथियार माना जाता है। पूर्व में जब भी अमेरिका या इजरायल द्वारा ईरान पर हमला किया गया है, तो ईरान द्वारा इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी गई है। यदि यह रास्ता कुछ दिनों के लिए भी बंद होगा, तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों के रूप में पड़ेगा।
भारत के लिए क्या है Strait of Hormuz का महत्त्व
भारत के लिए Strait of Hormuz का बहुत ही महत्त्व है। क्योंकि, भारत अपनी ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा यही से पूरा करता है। भारत द्वारा इराक, दुबई और सऊदी अरब से जो तेल मंगाया जाता है, वह इसी रास्ते से आता है। ऐसे में भारतीय नौसेना के युद्धपोत हमेशा यहां तैनात रहते हैं, जिनसे टैंकरों की सुरक्षा की जा सके।
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