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उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल कौन-सा है, जानें

Last Updated: Nov 18, 2023, 12:14 IST

उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। इसके साथ ही यह देश का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, यहां की जनसंख्या भी पूरे भारत में सबसे अधिक है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल कौन-सा है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।

उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल
उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल

उत्तर प्रदेश भारत में भौगोलिक क्षेत्र के हिसाब से चौथा सबसे बड़ा राज्य है। इसके साथ ही यह सबसे अधिक जिले वाला राज्य भी है, जिनकी कुल संख्या 75 है। इसके क्षेत्रफल की बात करें, तो 243, 286 वर्ग किलोमीटर इसका कुल क्षेत्रफल है।

साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, भारत के यह राज्य सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य भी है। यहां की कुल जनसंख्या 16 करोड़ 98 लाख 12 हजार 341 दर्ज की गई थी। इसकी साक्षरता दर की बात करें, तो राज्य की साक्षरता दर 67 फीसदी से अधिक है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल कौन-सा है। यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

 

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उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल कौन-सा है

अब सवाल है कि आखिर उत्तर प्रदेश का राजकीय फूल कौन-सा है, तो आपको बता दें कि प्रदेश का राजकीय फूल पलाश का फूल है, जिसे हम ढाक या फिर टेशु के नाम से भी जानते हैं। उत्तर प्रदेश में पहुंचने पर यह फूल आपको जगह-जगह देखने को मिल जाएगा। 

 

धीमी गति से बढ़ने वाला पेड़ 

सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर पलाश का वैज्ञानिक नाम क्या है, तो आपको बता दें कि पलाश का वैज्ञानिक नाम ब्यूटीया मोनोस्पर्म है। यह एक छोटे आकार वाला सूखे मौसम का पतझड़ वाला पेड़ होता है, जिसकी लंबाई लगभग 14 से 15 मी और अधिकतम 50 फीट तक होती है। यह पेड़ धीमी गति से बढ़ने वाला पेड़ है, जो प्रतिवर्ष सिर्फ कुछ फीट तक ही बढ़ते हैं। 

 

होली के रंगों में होता है इस्तेमाल

पलाश के फूलों का होली के रंगों में इस्तेमाल किया जाता है। इन फूलों के माध्यम से प्राकृतिक रंग बनाए जाते हैं, जो त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। यह वजह है कि हर साल होली का पर्व नजदीक आने पर इन फूलों की मांग बढ़ जाती है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इन फूलों की खेती में कमी आई है। वर्तमान में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सटे कुछ बुंदेलखंडी इलाकों में इनकी खेती की जाती है। 

 

फूलों में नहीं होती है खुशबू

उत्तर प्रदेश के इस राज्य पुष्प में किसी भी प्रकार की कोई खुशबू नहीं होती है। हालांकि, यह अपने औषधीय गुणों के लिए भी मशहूर है। ऐसे में इसके गुणों को देखते हुए यह राज्य का राजकीय पुष्प भी घोषित किया गया था।



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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Nov 18, 2023, 12:10 IST

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