भारत के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी अहमद खान का 27 अगस्त 2017 को बेंगलुरू में निधन हो गया. वे 90 वर्ष के थे. वे फुटबॉल के महान खिलाड़ी थे और 2 बार ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके थे. वे इस देश के महान फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक थे. भारतीय फुटबॉल में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता.
अहमद खान वर्ष 1949 से वर्ष 1959 तक ईस्ट बंगाल का अहम हिस्सा रहे. वे क्लब के अंतिम पांच पांडवों में से एक थे. उनके अलावा इस पांच पांडव में धनराज, अप्पा राव, सालेह और वेंकटेश शामिल थे.
अहमद खान के बारे में:
• अहमद खान अपने समय के सबसे बेहतरीन फुटबॉलरों में से एक थे.
• उन्होंने भारत के लिए दो ओलंपिक (वर्ष 1948 में लंदन और वर्ष 1952 में हेलसिंकी) में प्रतिनिधित्व किया था.
• अहमद का अपने शरीर और फुटबॉल पर नियंत्रण इतना बढ़िया था कि साथी खिलाड़ी उन्हें 'सपेरा' कहकर चिढ़ाते थे.
• उन्होंने 11 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और लंदन ओलंपिक में फ्रांस के खिलाफ अपना पहला मैच खेला था.
• अहमद खान ने ईस्ट बंगाल को वर्ष 1949 में आईएफए शील्ड, कोलकाता लीग और रोवर्स कप जीताने में अहम भूमिका निभाई.
• वर्ष 1951 में डूरंड कप जीतने वाला पहला भारतीय क्लब बनने के समय वे ईस्ट बंगाल का हिस्सा थे.
• उन्होंने दिल्ली और वर्ष 1954 में मनीला में हुए एशियाई खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था.
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