केंद्र सरकार ने नई विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति (STIP 2020) तैयार करने के लिए परामर्श प्रक्रिया शुरू की है. एक बयान के अनुसार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा संयुक्त रूप से एक विकेन्द्रीकृत, समावेशी और ऊर्ध्वगामी प्रक्रिया शुरू की गई है.
पांचवी S & T नीति ऐसे समय में तैयार की जा रही है जब भारत और दुनिया कोविड -19 महामारी से निपटने के तरीके खोजने की कोशिश कर रहे हैं. सरकार द्वारा विभिन्न स्तरों (ट्रैक्स) पर परामर्श प्रक्रियाएं पहले ही शुरू कर दी गई हैं और ये समानांतर रूप से चल रही हैं.
यह प्रक्रिया छह महीने की अवधि की होगी जिसके तहत, उद्योग, शिक्षा, सरकार, वैश्विक साझेदारों, नागरिक निकाय, युवा वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकीविद् और आम जनता सहित वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर और बाहर के सभी हितधारकों के साथ परामर्श किया जायेगा.
परामर्श प्रक्रिया की घोषणा करने वाला वक्तव्य
इस 2 जून को जारी किए गए एक बयान में यह उल्लेख किया गया है कि जैसे-जैसे यह संकट दुनिया को बदलता है, नई नीति निर्माण के विकेंद्रीकृत तरीके के साथ-साथ अपने क्षेत्रीय फोकस, प्राथमिकताओं, अनुसंधान करने के तरीकों और तकनीकों को विकसित करके बड़े स्तर पर सामाजिक-आर्थिक कल्याण के लिए उनका इस्तेमाल करने के सन्दर्भ में STI को पुनर्जीवित करेगी.
DST के सचिव, आशुतोष शर्मा के अनुसार, नए भारत के लिए STI नीति कोविड -19 से सीखे गए सबकों को एकीकृत करेगी, जिसमें ST & I (विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार), R & D (अनुसंधान और विकास) में अपनी ताकत से लाभ उठाकर डिजाइन, विशाल बाजार, विविधता और डेटा, जनसांख्यिकीय लाभांश, S & T कार्यबल, और संस्थान के माध्यम से आत्म निर्भर भारत का निर्माण करना शामिल है.
चार अत्यधिक इंटरलिंक्ड ट्रैक्स पर STIP 2020 की निरूपण प्रक्रिया:
इन चार ट्रैक्स के सत्रों में DST के वैज्ञानिकों, PSA के कार्यालय और 25 नीति रिसर्च फैलो सदस्यों के साथ 21 विषयगत समूहों के लगभग 130 सदस्यों ने भाग लिया है. इन चार ट्रैक्स के निर्माण की प्रक्रिया इस प्रकार है:
• ट्रैक I - इसमें विज्ञान नीति फोरम के माध्यम से एक व्यापक विशेषज्ञ और सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया शामिल होगी जोकि नीति निर्माण प्रक्रिया के दौरान और बाद में बड़े सार्वजनिक और विशेषज्ञ पूल से इनपुट की मांग के लिए बनाया गया एक समर्पित मंच है.
• ट्रैक II - इसमें ड्राफ्टिंग प्रक्रियाओं की नीति में गठित सिफारिशों को फीड करने के लिए विशेषज्ञों द्वारा संचालित विषयगत परामर्श शामिल होंगे. इस उद्देश्य के लिए अब तक, बीस- एकल केंद्रित विषयगत समूहों का गठन किया गया है. विषयगत समूह (TG) परामर्श पिछले सप्ताह सूचना सत्रों की एक श्रृंखला के साथ शुरू हो गया है. इन् सत्रों के दौरान, DST के नीति समन्वयन एवं कार्यक्रम निगरानी विभाग के प्रमुख, अखिलेश गुप्ता ने प्रस्तुति दी और चर्चा को आगे बढ़ाया.
• ट्रैक III - इसमें राज्यों और मंत्रालयों के साथ परामर्श शामिल है. व्यापक अंतर-विभाग और अंतर-राज्य परामर्श के लिए विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों, एजेंसियों, और भारत सरकार के विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को भी नामित किया गया है.
• ट्रैक IV - यह ट्रैक में शीर्ष स्तर का बहु-हितधारक परामर्श शामिल है. इस परामर्श के तहत वैश्विक साझेदारों, उद्योग निकायों और अंतर-राज्यीय और उच्चतम स्तर पर अंतर-मंत्रालयी परामर्श को शामिल किया गया है.
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