अफ्रीकी देश चाड के पूर्व तानाशाह हिसेन हैब्रे को वॉर क्राइम के लिए 30 मई 2016 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई. कोर्ट ने हैब्रे को रेप, यौन उत्पीड़न और 40,000 हत्याओं का आदेश देने के दोषी ठहराया. पूर्व राष्ट्रपति हिसेन हाब्रे को मानवता के ख़िलाफ़ अपराध का दोषी पाया गया.
सेनेगल की राज़धानी डकार में अफ़्रीकी संघ समर्थित एक अदालत ने ये फ़ैसला सुनाया. उन्हें फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है.
- किसी अफ्रीकी देश के पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ कोर्ट का यह पहला फैसला है.
- हिसेन हाब्रे 1982 से 1990 तक चाड के शासक रहे.
- हाब्रे पर आरोप है कि उन्होंने आठ साल के शासन काल में 40 हज़ार लोगों का कत्ल करवाया.
हिसेन हाब्रे की सुनवाई
- पीड़ितों की वकील जैकलीन माउदेनिया के अनुसार पूरे अफ़्रीका में इस फ़ैसले से बेहद ख़ुशी है क्योंकि हमने पूरे विश्व में और ख़ास तौर से चाड में संदेश दिया कि तानाशाहों का क्या अंजाम होता है.
- अदालत ने हाब्रे को दुष्कर्म, यौन दास बनाने, आत्महत्या के लिए उकसाने, व्यापक तौर पर मानव तस्करी, अपहरण, उत्पीड़न तथा युद्ध अपराधों में दोषी पाया
- हाब्रे ने पूरी सुनवाई के दौरान अदालत की वैधता पर ही सवाल उठाए और अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से इनकार किया.
- मामले की सुनवाई 20 जुलाई, 2015 को अफ्रीकन स्पेशल कोर्ट में शुरू हुई थी, जो 56 दिनों तक चली.
- इस दौरान 93 गवाहों से जिरह की गई.
- हाब्रे को उसके शासनकाल के समय में अमरीका का समर्थन हासिल था.
अफ्रीकन स्पेशल कोर्ट के बारे में-
- अफ्रीकन स्पेशल कोर्ट की स्थापना अफ्रीकी संघ ने की है, जिसके अधिकार क्षेत्र को हाब्रे ने चुनौती दी थी.
- अर्जी में अदालत के अभियोजक सेनेगल के एंबे फाल ने जस्टिस से चाड के पूर्व राष्ट्रपति को आजीवन कारावास की सजा देने का आग्रह किया था.
- उन्होंने हाब्रे की संपत्ति को जब्त करने का आदेश देने का भी अदालत से आग्रह किया.
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