चीन ने 5 अप्रैल 2016 पुन: प्राप्त किए जा सकने वाले वैज्ञानिक अनुसंधान उपग्रह एसजे-10 (Shijian -10) का प्रक्षेपण किया.
इसका प्रक्षेपण उत्तरपश्चिमी चीन के गोबी मरूस्थल स्थित जिउक्वाल उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से लॉन्ग मार्च 2-डी रॉकेट के जरिए किया गया.
इसका उद्देश्य सूक्ष्म गुरूत्व और अंतरिक्ष जीवन विज्ञान का अध्ययन करने में वैज्ञानिकों की मदद करना है.
सीएएस (CAS) कार्यक्रम के चार वैज्ञानिक उपग्रहों में से एसजे-10 दूसरा वैज्ञानिक उपग्रह है और यह अन्यों से इस बात में अलग है कि यह लौटकर आ सकता है.
पिछले कुछ दशकों में चीन की ओर से प्रक्षेपित किया गया यह ऐसा 25वां उपग्रह है, जिसे वापस प्राप्त किया जा सकता है.
एसजे-10 पर होने वाले प्रयोग
अंतरिक्ष में रहने के दौरान यह कुल 19 प्रयोगों को अंजाम देगा, जिनमें सूक्ष्म गुरूत्व द्रव भौतिकी, सूक्ष्म गुरूत्व दहन, अंतरिक्षीय पदार्थ, अंतरिक्ष विकिरण प्रभाव, सूक्ष्म गुरूत्व जैविक प्रभाव और अंतरिक्ष जैव-तकनीक से जुड़े प्रयोग शामिल होंगे. इसके बाद यह नतीजों के साथ पृथ्वी पर लौट आएगा.
इनमें एक प्रयोग के तहत सूक्ष्म गुरूत्व के अंतर्गत चूहे के भ्रूण के शुरुआती चरण के विकास का भी अध्ययन किया जाएगा ताकि अंतरिक्ष में मानवीय प्रजनन पर प्रकाश डाला जा सके.
इसके अलावा एक अध्ययन के तहत मधुमक्खियों और चूहे की कोशिकाओं की जीन संबंधी स्थिरता पर विकिरण के प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा.
एसजे-10 पर किए जाने वाले सभी प्रयोग पूरी तरह नए हैं और इन्हें देश या विदेश में कभी अंजाम नहीं दिया गया है.
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