केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 28 मई 2020 को कहा कि वित्त वर्ष 2019-20 में भारत में कुल एफडीआई 18 प्रतिशत बढ़कर 73 अरब डॉलर हो गया. पिछले साल भारत को लगभग 62 अरब डॉलर मूल्य का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त हुआ था.
पीयूष गोयल ने एक ट्वीट में कहा कि मेक इन इंडिया में एक और मजबूत विश्वास मत, वित्त वर्ष 2019-20 में भारत में कुल एफडीआई 18 प्रतिशत वृद्धि के साथ 73 अरब डॉलर पहुंच गया. वित्त वर्ष 2013-14 में कुल एफडीआई मात्र 36 अरब डॉलर था, यानी तब से अब कुल एफडीआई दोगुना हो गया है. यह दीर्घकालिक निवेश रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा.
मुख्य बिंदु
• आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) 49.97 अरब डॉलर (करीब 3.75 लाख करोड़ रुपये) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया.
• वित्त वर्ष 2018-19 में 44.36 अरब डॉलर का एफडीआइ आया था. री-इन्वेस्टेड अर्निंग और अन्य कैपिटल समेत वित्त वर्ष 2019-20 में कुल एफडीआइ साल भर पहले के 62 अरब डॉलर से बढ़कर 73.45 अरब डॉलर पर पहुंच गया. यह बढ़ोतरी 18 फीसद की रही है.
• आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2015-16 के बाद से एफडीआइ में यह सर्वाधिक तेजी से हुई बढ़ोतरी है. वित्त वर्ष 2015-16 में एफडीआइ में 35 प्रतिशत का उछाल आया था.
• वित्त वर्ष 2000-01 में जब इस संबंध में पहली बार डाटा जारी किया गया था, तब से यह देश में आया सबसे ज्यादा विदेशी निवेश है. वित्त वर्ष 2019-20 में सर्विस सेक्टर में सर्वाधिक 7.85 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया.
• कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर सेक्टर में 7.67 अरब डॉलर, टेलीकम्युनिकेशन में 4.44 अरब डॉलर, ट्रेडिंग में 4.57 अरब डॉलर, ऑटोमोबाइल में 2.82 अरब डॉलर, कंस्ट्रक्शन में दो अरब डॉलर और रसायन सेक्टर में एक अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया.
अमेरिका चौथे स्थान पर
पिछले वित्त वर्ष में सिंगापुर से 14.67 अरब डॉलर का एफडीआइ भारत आया. हालांकि वित्त वर्ष 2018-19 में सिंगापुर से आए 16.22 अरब डॉलर के निवेश की तुलना में यह कम है. सिंगापुर के बाद 8.24 अरब डॉलर के साथ मॉरिशस दूसरे स्थान पर, 6.5 अरब डॉलर के साथ नीदरलैंड्स तीसरे स्थान पर और 4.22 अरब डॉलर के साथ अमेरिका चौथे स्थान पर रहा.
वित्त मंत्री ने एफएसडीसी बैठक में जायजा लिया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 28 मई 2020 को वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में अर्थव्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने यह समीक्षा ऐसे समय की है जब कोविड-19 संकट के कारण आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं कोरोना वायरस महामारी के बाद एफएसडीसी की यह पहली बैठक थी.
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