राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मेजर मुकुंद वरदराजन और नायक नीरज कुमार सिंह को 26 जनवरी 2015 को मरणोपरांत शांति के समय दिए जाने वाले सर्वोच्च सैन्य सम्मान अशोक चक्र प्रदान किया.
देश के 66वें गणतंत्र दिवस समारोह में मेजर मुकुंद वरदराजन और नायक नीरज कुमार सिंह की पत्नियों ने यह सम्मान ग्रहण किया. इन दो सैनिकों के अलावा 12 जल सेना के अधिकारियों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया. मेजर मुकुंद वरदराजन और नायक नीरज कुमार सिंह ने कश्मीर के अलग-अलग शोपियां और कुपवाड़ा जिलों में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे.
राजपूत रेजीमेंट के मेजर मुकुंद वरदराजन ने अप्रैल 2014 में जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में तीन आतंकवादियों को मार गिराया था. इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उनकी मौत हो गई थी.
नायक नीरज सिंह 24 अगस्त 2014 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों की गोलीबारी का शिकार हो गए थे जिसके बाद उनका निधन हो गया. वह राष्ट्रीय राइफल्स की 57वीं बटालियन में सेवारत थे. अशोक चक्र शांति के समय दिए जाने वाला वीरता पदक है. यह सम्मान सैनिकों और असैनिकों को असाधारण वीरता या बलिदान के लिए दिया जाता है.

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