भारतीय सेना ने हाल ही में पिनाका मिसाइल के नए संस्करण का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है. यह परिक्षण डीआरडीओ और भारतीय सेना नए पश्चिमी राजस्थान के सीमा के निकट पोखरण फायरिंग रेंज में सम्पन्न किया. भारतीय सेना ने अलग-अलग क्षेत्रों में 24 से अधिक एमके-आई (एन्हांस्ड) रॉकेट सिस्टम (ईपीआरएस) को जांचा है, जो कि सफल साबित हुए हैं.
इन परीक्षणों में पिनाका मिसाइल ने टारगेट को पूरी सटीकता एवं गति के साथ ध्वस्त कर दिया. उसने तय मानकों को पूरा किया. पिनाका रॉकेट प्रणाली को पुणे स्थित दो डीआरडीओ प्रयोगशालाओं – आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एआरडीई) तथा उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (एचईएमआरएल) ने इकनॉमिक एक्सप्लोसिव लिमिटेड, नागपुर की सहायता से विकसित किया है.
Pinaka Mk-I (Enhanced Range) Rocket System with advanced technology, various munitions and new fuzes successfully flight-tested in a series of trials held at Pokhran.@DefenceMinIndia @SpokespersonMoD https://t.co/j4ZwkuImVN pic.twitter.com/je4e4LGdtk
— DRDO (@DRDO_India) April 9, 2022
पिनाका रॉकेट: एक नजर में
पिनाका एमके-आई एक अपग्रेटेड रॉकेट प्रणाली है. इसका पहले भी कई बार सफल परीक्षण किया जा चुका है. इन रॉकेट प्रणालियों को डीआरडीओ की टेक्नोलॉजी के आधार पर विकसित किया गया है. पिनाका एमके-आई रॉकेट प्रणाली की मारक क्षमता लगभग 45 किमी है. वहीं, पिनाका-II रॉकेट सिस्टम की मारक क्षमता 60 किमी है.
डीआरडीओ ने 1980 के दशक में पिनाका रॉकेट सिस्टम (Pinaka Rocket System) को विकसित करना शुरू किया था. इसके बाद साल 1990 के आखिर में पिनाक मार्क-वन के सफल परीक्षण ने भारतीय सेना को बड़ी मजबूती प्रदान की. पिनाक सिस्टम की एक बैटरी में छह लान्चिंग वाहन होते हैं. बता दें कि पिनाका-II को एक गाइडेड मिसाइल की तरह तैयार किया गया है.
पिनाका मिसाइल सिस्टम 44 सेकेंड में 12 मिसाइल लॉन्च करने की ताकत रखती है. अर्थात यह लगभग हर 4 सेकेंड में एक मिसाइल फायर करती है. यह रॉकेट लॉन्चर सात किलोमीटर से लेकर 90 किलोमीटर की दूरी तक बैठे दुश्मन को खत्म कर सकता है. यह 5757.70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दुश्मनों पर आक्रमण कर सकता है.
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