सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर बनाई गयी मधुकर गुप्ता समिति ने 29 अगस्त 2016 को गृह मंत्री राजनाथ सिंह को अपनी रिपोर्ट सौंपी.
समिति ने सुझाव दिया है कि नदी की सीमाओं पर निगरानी को सुधारा जाए और तकनीक का उपयोग किया जाए. समिति ने भारत-पाकिस्तान सीमा का विस्तृत अध्ययन किया तथा वहां की सीमाओं में सुरक्षा हेतु किये जाने वाले उपायों पर सुझाव भी व्यक्त किये. इस समिति द्वारा गुजरात, राजस्थान, पंजाब एवं जम्मू की सीमाओं पर सुरक्षा खतरों का अध्ययन किया गया.
इस समिति की अध्यक्षता पूर्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता द्वारा की गयी. उन्हें 5 अप्रैल 2016 को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. इस समिति को सीमा सुरक्षा में कमियों और अतिसंवेदनशील सीमाओं की घेरा सुझाव देने के लिए कहा गया था.
गौरतलब है कि भारत-पाक के 3,323 किलोमीटर लंबे बॉर्डर में 1,225 किलोमीटर जम्मू और कश्मीर के हिस्से में है जिसमें से लाइन ऑफ कंट्रोल भी शामिल है. साथ ही 553 किमी पंजाब, 1,037 किमी राजस्थान और 508 किमी गुजरात की सीमाएं पाक से लगती हैं.
इस समिति का गठन पंजाब स्थित पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकवादी हमले के बाद किया गया था.
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