सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 12 फरवरी 2021 को देश का पहला सीएनजी से चलने वाला ट्रैक्टर लॉन्च किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि डीजल के बजाए सीएनजी ट्रैक्टर के इस्तेमाल से किसान सालाना एक लाख रुपये बचा सकेंगे. सीएनजी ट्रैक्टर से 80 फीसदी वायु प्रदूषण कम होगा, वहीं नए उत्सर्जन मानक के तहत उनको चलाने पर प्रतिबंध नहीं लगेगा और 15 साल तक किसान ऐसे ट्रैक्टरों को चला सकेंगे.
यह ट्रैक्टर रॉमैट टेक्नो सॉल्यूशन और टोमासेटो एकाइल इंडिया ने संयुक्त रूप से विकसित किया है. इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे. सरकार की कबाड़ नीति में 15 साल पुराने व्यवसायिक वाहनों को हटाने की योजना है. नितिन गडकरी ने यह बात 12 फरवरी को डीजल से बायो-सीएनजी इंजन में परिवर्तित किए गए सीएनजी ट्रैक्टर लॉन्च करने के कार्यक्रम में कही.
इस ट्रैक्टर की खासियत
इस ट्रैक्टर का इधन भी न केवल आर्थिक रूप से बचत करेगा बल्कि पर्यावरण को बचाने में भी मदद करेगा. सरकार का कहना है कि फसलों के वेस्ट (अवशेष) को किसान जलाता था. अब उसे बेचकर वह अपनी आमदनी बढ़ा सकेगा. इस तरह सीएनजी ट्रैक्टर कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है.
दिल्ली सरकार ने भी एक योजना शुरू की
इसी तरह पेट्रोल वाहनों से दूसरे पर्यावरण हितैषी वाहनों की तरफ स्विच करने के लिए दिल्ली सरकार ने भी एक योजना शुरू की है. दिल्ली सरकार की इस योजना का नाम है 'स्विच दिल्ली'. इस योजना में दिल्ली सरकार दिल्लीवासियों को दोपहिया इलेक्ट्रोनिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. ज्यादा से ज्यादा लोग इलेक्ट्रॉनिक मोटरसाइकिल चलाएं इस उद्देश्य के लिए दिल्ली सरकार टैक्स में छूट से लेकर वित्तीय प्रोत्साहन भी दे रही है.
सीएनजी ट्रैक्टर से फायदे
सीएनजी ट्रैक्टर से किसानों को सीधा फायदा मिलेगा. सीएनजी ट्रैक्टर से जहां खेती-किसानी की लागत कम होगी, वहीं किसानों को आए दिन बढ़ने वाली डीजल की कीमतों से भी राहत मिलेगी. इसके अलावा सीएनजी ट्रैक्टर से प्रदूषण भी कम होगा.
भारत में ऐसा पहला ट्रैक्टर
भारत में ये ऐसा पहला ट्रैक्टर है, जो सीएनजी युक्त होगा. सीएनजी ट्रैक्टर भी डीजल इंजन की तुलना में अधिक या बराबर पावर पैदा करता है. डीजल इंजन की तुलना में सीएनजी इंजन 70 प्रतिशत कम उत्सर्जन करता है.
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