भारतीय मूल के वैज्ञानिक ई.सी. जॉर्ज सुदर्शन का निधन

ई.सी. जॉर्ज सुदर्शन को नौ बार भौतिक के नोबल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था. वे लगभग 40 सालों से अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे.

Physicist EC George Sudarshan dies
Physicist EC George Sudarshan dies

भारतीय मूल के वरिष्ठ भौतिक वैज्ञानिक ई.सी. जॉर्ज सुदर्शन का 13 मई 2018 को निधन हो गया. वे 86 वर्ष के थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी भामथी सुदर्शन के अलावा दो बच्चे हैं.

उन्हें नौ बार भौतिक के नोबल पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था. वे लगभग 40 सालों से अमेरिका के टेक्सास विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे.

ई.सी. जॉर्ज सुदर्शन के बारे में

•    ई.सी. जॉर्ज सुदर्शन का जन्म केरल के कोट्टायम जिले के पल्लम गांव में 1931 में हुआ था.

•    उन्होंने कोट्टायम के सीएमएस कॉलेज से पढ़ाई की थी और मास्टर्स यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास से किया था.

•    उन्होंने होमी जहांगीर भाभा के साथ टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च में थोड़े समय के लिए काम भी किया था.

•    वर्ष 1958 में उन्होंने यूनिवर्सिटी और रोचेस्टर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की.

•    इसके बाद उन्होंने नोबेल पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी जूलियन स्चेविंगर के निर्देशन में पोस्ट-डाक्टरेट की.

•    वर्ष 2005 में उन्हें अन्य वैज्ञानिकों के साथ फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट भी किया गया था लेकिन उनके साथ मिलकर 'सुदर्शन-ग्लाबेर रिप्रजेंटेशन' बनाने वाले भौतिक विज्ञानी रॉय जे ग्लाबेर को उस साल के फिजिक्स का नोबेल पुरस्कार अन्य वैज्ञानिकों के साथ दिया गया.

•    उन्होंने क्वांटम ऑपटिक्स, क्वांटम जीनो इफेक्ट व क्वांटम कंप्यूटेशन से जुड़े कई सिद्धांत दिए और खोज की.

 

यह भी पढ़ें: नोबेल पुरस्कार विजेता जर्मन भौतिकविद पीटर ग्रुएनबर्ग का निधन


भौतिकी क्षेत्र में सुदर्शन का योगदान

उन्होंने सैद्धांतिक भौतिकी के क्षेत्र में अपना अमूल्य योगदान देते हुए प्रत्याशित संबद्धता और सुदर्शन-ग्लोबर निरुपण, दुर्बल अन्योन्य क्रिया का वी-ए सिद्धांत, टेक्योन, क्वांटम शून्य प्रभाव, विवृत क्वांटम निकाय और प्रचरण-सांख्यिकी आदि विषयों पर कार्य किया. दर्शन और धर्म के क्षेत्र में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण है. ह्यूस्टन स्थित श्री मीनाक्षी मंदिर के वह लंबे समय तक ऑनररी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य रहे थे.

पुरस्कार और उपलब्धियां

उनके योगदानों को देखते हुए भारत सरकार ने 2007 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया था. इसके अलावा उन्हें उनके कार्यकाल के दौरान सी.वी. रमन पुरस्कार (1970), बोस पदक (1977), थर्ड वर्ल्ड अकादमी ऑफ साइंसेज अवॉर्ड (1985), मायोराना पदक (2006), आईसीटीपी का दिराक पदक (2010) और केरल शस्त्र पुरस्कार, द स्टेट अवॉर्ड ऑफ लाइफटाइम अकोमप्लिशमेंट्स इन साइंस (2013) से भी सम्मानित किया जा चुका है. सुदर्शन को नौ बार नोबेल पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया था हालांकि वे यह पुरस्कार नहीं जीत सके.

 

Take Weekly Tests on app for exam prep and compete with others. Download Current Affairs and GK app

एग्जाम की तैयारी के लिए ऐप पर वीकली टेस्ट लें और दूसरों के साथ प्रतिस्पर्धा करें। डाउनलोड करें करेंट अफेयर्स ऐप

AndroidIOS
Read the latest Current Affairs updates and download the Monthly Current Affairs PDF for UPSC, SSC, Banking and all Govt & State level Competitive exams here.
Jagran Play
खेलें हर किस्म के रोमांच से भरपूर गेम्स सिर्फ़ जागरण प्ले पर
Jagran PlayJagran PlayJagran PlayJagran Play