New Parliament: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने नए संसद भवन पर लगे अशोक स्तंभ का अनावरण कर दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने 11 जुलाई 2022 को सुबह संसद भवन की छत पर लगे राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण किया. कांस्य से बना अशोक स्तंभ 6.5 मीटर ऊंचा है. इस दौरान पीएम मोदी ने नई संसद के काम में लगे लोगों से भी बातचीत की.
राष्ट्रीय प्रतीक 9500 किलोग्राम के कुल वजन के साथ कांस्य से बना है तथा इसकी ऊंचाई 6.5 मीटर है. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इस ढाचें को समय पर तैयार करने वाले मजदूरों के साथ बातचीत की. इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप पुरी भी मौजूद थे.
नए संसद भवन की छत
नए संसद भवन की छत पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने का काम आठ अलग-अलग चरणों से पूरा किया गया. इसमें मिट्टी से मॉडल बनाने से लेकर कंप्यूटर ग्राफिक तैयार करना एवं कांस्य निर्मित आकृति को पॉलिश करना शामिल है.
कब तक तैयार होगा नया संसद भवन
इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि नया संसद भवन अक्टूबर-नवंबर 2022 तक समय पर पूरा होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि हम इस साल नए संसद भवन में शीतकालीन सत्र आयोजित करने की कोशिश करेंगे. बता दें कि नए संसद भवन के निर्माण पर 200 करोड़ रुपए अधिक खर्च हो सकता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अनावरण किया
बताया जा रहा है कि जिस अशोक स्तंभ चिन्ह का प्रधानमंत्री मोदी ने अनावरण किया है. उसका वजन 9500 किलोग्राम है जो कांस्य से बनाया गया है. इसके सपोर्ट के लिए लगभग 6500 किलोग्राम वजन वाले स्टील की एक सहायक संरचना का भी निर्माण किया गया है.
सेंट्रल विस्टा: एक नजर में
मोदी सरकार का सेंट्रल विस्टा ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसका सेंट्रल एवेन्यू 80 प्रतिशत बनकर तैयार हो चुका है. इसे बनवाने के लिए पहले लगभग 971 करोड़ रुपए के खर्च का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब यह खर्च 29 प्रतिशत बढ़कर 1250 करोड़ से अधिक हो सकता है. सरकार ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के पूरे होने की डेडलाइन अक्टूबर 2022 रखी है.
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