प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 फरवरी 2021 को तमिलनाडु का दौरान किया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने चेन्नई में अर्जुन टैंक को सेना को सौंपा है. उन्होंने अर्जुन मार्क 1A टैंक ने सेना को सौंप दिया. यह टैंक अत्याधुनिक क्षमता से लैस पूर्णतः स्वदेशी है.
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की युद्धक वाहन अनुसंधान एवं विकास इकाई (CVRDE) ने अर्जुन टैंक मार्क 1A को बनाया है. सेना को अर्जुन टैंक सौंपने के साथ ही देश ने आत्मनिर्भर भारत की तरफ एक और कदम बढ़ा दिया है. यह टैंक भारत में ही डिजाइन हुए हैं और बनाए गए हैं.
इस टैंक का विकास
इस टैंक का निर्माण और विकास पूरी तरह से डीआरडीओ ने किया है और ये भारतीय सेना की हर जरूरतों को पूरा करने वाला है. अर्जुन टैंक को डीआरडीओ कंबैट वीकल्स रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट इस्टेबलिस्टमेंट में डिजाइन किया गया है.
118 टैंक सेना के पहले बैच में शामिल
यह टैंक पूरी तरह भारत में बनाया गया है. ये 118 टैंक सेना के पहले बैच में शामिल होंगे. अर्जुन टैंक के सेना में शामिल किए जाने के बाद एक और रेजिमेंट बनाया जाएगा. इससे पहले भी 124 टैंक सेना में शामिल किए जाने के बाद रेजिमेंट बनाई गई थी. अब रेजिमेंट गठित करने के लिए छह टैंकों की संख्या कम की गई है. रक्षा मंत्रालय ने सभी 118 अर्जुन टैंक को सेना में शामिल करने की मंजूरी दी है.
अर्जुन मार्क 1A टैंक की खासियतें: एक नजर में
अर्जुन टैंक में 71 बड़े अपडेट करके मार्क 1A वर्जन तैयार किया गया है. यह टैंक साधारण अर्जुन टैंक से काफी ज्यादा ताकतवर है और यह तेजी से लक्ष्य का पीछा भी कर सकता है.
इस टैंक में मुख्य हथियार और सहायक हथियार, दोनों की भूमिका निभाने की क्षमता है. टैंक में रात हो या दिन, हर समय, हर मौसम में अपने लक्ष्य पर अचूक और तेज गति से हमला करने की क्षमता है.
इसमें उच्च क्वॉलिटी का रनिंग गियर लगा है जो धमाके के समय भारी झटके को सीमित कर देता है. यह हंटर किलर है, यानी अपने लक्ष्य को ढूंढकर वार कर सकता है.
अर्जुन मार्क 1A टैंक में स्पेशल सेंसर लगाए गए हैं जो रसायनिक हमले से इसकी रक्षा कर सकता है. इस टैंक पर ग्रेनेड और मिसाइल के हमले से कोई असर नहीं पड़ता.
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