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पंजाब नेशनल बैंक घोटाला: विस्तृत विवरण

पंजाब नेशनल बैंक में हुए इस घोटाले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी का नाम बतौर आरोपी लिया जा रहा है. यह भी बताया जा रहा है कि नीरव मोदी घोटाले की खबर आने से पहले ही देश छोड़कर जा चुके हैं.

Feb 15, 2018 13:06 IST
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पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) द्वारा किये गये खुलासे में देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के बारे में जानकारी सामने आई है. मीडिया में प्रकाशित जानकारी के अनुसार यह घोटाला लगभग 11500 करोड़ रुपये का है. पंजाब नेशनल बैंक ने शेयर बाज़ार को मुंबई स्थित शाखा में घोटाले की जनाकारी दी है.

इस घोटाले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी का नाम लिया जा रहा है. यह घोटाला सामने आने के बाद पीएनबी ने अपने 10 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. पीएनबी ने बताया कि कुछ खाताधारकों को लाभ पहुंचाने के लिए इतनी बड़ी रकम का लेन-देन किया गया. इस लेन-देन के आधार पर ग्राहकों को दूसरे बैंकों ने विदेशों में क़र्ज़ दिए हैं.

एलओयू (LoU) पर आधारित घोटाला
यह घोटाला लेटर ऑफ़ अंडरटेकिंग (एलओयू) पर ही आधारित है. यह पत्र एक तरह की गारंटी होती है जिसके आधार पर दूसरे बैंक खातेदार को रकम उपलब्ध करा देते हैं. ऐसे में यदि खातेदार पैसे जमा नहीं कराता है या पैसा लेकर भाग जाता है तो एलओयू जारी करने वाले बैंक की जिम्मेदारी होती है कि वह संबंधित बैंक को भुगतान करे.

पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले में कुछ प्राइवेट बैंकों के नाम भी लिए जा रहे हैं जिन्हें एलओयू दिया गया था. इन बैंकों में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ऐक्सिस बैंक शामिल हैं. कहा जा रहा है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ऐक्सिस बैंक ने पीएनबी द्वारा जारी किए गए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) के आधार पर नीरव मोदी को रकम की पेशकश की थी.

कैसे हुआ घोटाला?

•    पिछले सप्ताह, पंजाब नेशनल बैंक ने सीबीआई के पास एलओयू से सम्बंधित 280.7 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की एफआईआर कराई थी.

•    उस समय पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने कहा था कि वे अभी इस घोटाले के स्तर की जांच कर रहे हैं.

•    अपनी शिकायत में पीएनबी ने कहा कि डायमंड्स आर अस, सोलर एक्सपोर्ट्स एवं स्टेलर डायमंड्स नामक तीन हीरा कम्पनियां 16 जनवरी को उनके पास आईं और उनसे क्रेडिट के लिए अनुरोध किया.

•    बैंक ने खरीदार ऋण को बढ़ाने के लिए ऋणदाताओं को पैसा जारी करने हेतु 100 प्रतिशत नकदी मार्जिन की मांग की थी.

•    नीरव मोदी उनके भाई निशाल, पत्नी एमी और मेहुल चीनूभाई चौकसी इन कम्पनियों में भागीदार हैं. इनके न्यूयॉर्क, हॉगकॉग तथा लंदन में हीरे के आभूषणों के शोरूम हैं.

•    इनके साथ ही बैंक के डिप्टी मेनेजर गोकुलनाथ शेट्टी को भी इस घोटाले में लिप्त पाया गया. वे मुंबई स्थित पीएनबी की फॉरेन एक्सचेंज में 31 मार्च 2010 से कार्यरत थे.

•    शेट्टी पर आरोप है कि उन्होंने एक अन्य अधिकारी मनोज खरात के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया. इन्होने बैंकिंग प्रक्रिया का पालन न करते हुए एलओयू जारी किये तथा इस रिकॉर्ड की बैंक के खातों में एंट्री दर्ज नहीं की ताकि पैसों की निकासी का पता न चल सके.

वीडियो: इस सप्ताह के करेंट अफेयर्स घटनाक्रम जानने के लिए देखें

 

 



नीरव मोदी कौन है?

नीरव मोदी (48 वर्षीय) डायमंड कैपिटल के रूप में प्रसिद्ध बेल्जियम के एंटवर्प शहर की विख्यात डायमंड ब्रोकर कंपनी के परिवार से संबंधित हैं. आरोप है कि इस घोटाले के पीछे नीरव मोदी ही हैं जिन्होंने बैंकों से हजारों करोड़ रुपये की रकम ली लेकिन उसे वापिस नहीं किया. नीरव मोदी के विश्व भर के अहम शहरों में ज्वेलरी शोरूम हैं. इनमें दिल्ली मुंबई, न्यूयॉर्क, हॉगकॉग, लंदन, मकाउ आदि शामिल हैं. उनके सबसे चर्चित डिजायन एंडलेस कट, जैस्मीन कट, ऐनरा कट और मुगल कट विशेष लोकप्रिय हैं.

नीरव मोदी द्वारा डिजायन किए गए आभूषण की कीमत 5 लाख रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक है, जिसे तमाम दिग्गज हस्तियां पहनती हैं. नीरव मोदी का नाम फोर्ब्स की सबसे अमीर लोगों की सूची में भी आ चुका है. वर्ष 2017 की सूची में वे 57वें नंबर पर थे. उनकी कुल संपत्ति 1.73 अरब डॉलर यानि 110 अरब रुपये है, जबकि उनकी कंपनी का राजस्व 149 अरब रुपये बताई जाती है.