उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 मई 2017 को कुशीनगर में इंसेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) से निपटने के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत की. उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में यह अभियान चलाया जायेगा.
इससे संबंधित मुख्य तथ्य:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वी यूपी के विकास में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) बाधक है. इसके उन्मूलन हेतु केंद्र और राज्य सरकार ने संयुक्त रूप से विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत की है. जिन्होंने इसका टीका नही लगवाया है, वे अब इसे आसानी से लगवा सकेंगे.
कुशीनगर इससे सर्वाधिक पीड़ित है. हालाँकि, अभी केवल जेई के लिए ही टीका है. इंसेफेलाइटिस को लेकर यह विशेष टीकाकरण अभियान 25 मई 2017 से 11 जून 2017 तक चलेगा.
इसके तहत 88 लाख 57 हजार बच्चों का टीकाकरण होगा. उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस एक बड़ी समस्या है. ऐसे में राज्य सरकार इस भयंकर बीमारी से निपटने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर रही है.
प्रदेश के सभी कैबिनेट मंत्री विभिन्न जिलों से अभियान शुरू करेंगे. अभियान के दौरान इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिलों के चिकित्सकों को छुट्टी नहीं मिलेगी. इस अभियान में 1 साल से 15 साल तक के बच्चों को इंसेफेलाइटिस का टीका लगाया जाएगा.टीकाकरण अभियान की शुरुआत राज्य के सभी प्रभावित 38 जिलों में होगा.
मस्तिष्क ज्वर से बचाव हेतु टीकाकरण के साथ-साथ जन जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा और लोगों को इससे होने वाले दुष्परिणामों से भी अवगत कराया जाएगा.
इस कार्य के लिए उन्हें प्रेरित किया जाएगा कि वे अपने बच्चों में मस्तिष्क ज्वर से बचाव हेतु टीका अवश्य लगवाएं. राज्य के चार जिलों बहराइच, बलरामपुर, सीतापुर एवं श्रावस्ती में जेई (जैपनीज इंसेफेलाइटिस) का पुनः अभियान चलाया जाएगा.
इसके अतिरिक्त राज्य के 34 जनपदों में जेई टीकारण के छूटे हुए बच्चों को शत-प्रतिशत आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है.
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