India Current Affairs 2011. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एसएस निज्जर की खंडपीठ ने विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए किए जा रहे प्रयास और जांच की निगरानी करने हेतु विशेष जांच दल का गठन किया. इस दल का अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बीपी जीवन रेड्डी को तथा उपाध्यक्ष इसी न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमबी शाह को नियुक्त किया गया. सर्वोच्च न्यायालय ने इसके गठन का आदेश 4 जुलाई 2011 को दिया. अब काले धन के मुद्दे की जांच के लिए भारत सरकार द्वारा राजस्व सचिव के नेतृत्व में गठित उच्चस्तरीय समिति के दस सदस्य भी इस जांच दल में शामिल होगें, लेकिन अब वह सरकार को रिपोर्ट करने के बजाय जांच दल के प्रमुख के अधीन काम करेगें. खंडपीठ ने ख़ुफ़िया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा) के प्रमुख को भी इस दल में शामिल कर लिया.
न्यायालय ने सरकार को उन लोगों का नाम उजागर करने का निर्देश दिया जिन्हें काला धन मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. हालांकि न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उन लोगों के नाम उजागर नहीं किये जायेंगे जिनकी इस मामले में जांच नहीं की गई.
विदित हो कि न्यायालय ने न्यायविद् राम जेठमलानी तथा अन्य लोगों की याचिका पर यह आदेश दिया जिसमें विदेशी बैंकों में जमा काले धन का पता लगाने और उसे वापस लाने के लिए सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया गया था.
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