जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रैंक वाल्टर स्टीन्मीयर ने 6-7 सितंबर 2014 को भारत का दौरा किया. अपनी यात्रा के दौरान फ्रैंक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की.
उन्होंने व्यापार, निवेश, उच्च तकनीक सहयोग और नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग पर विचार विमर्श किया. अपनी यात्रा के दौरान दोनों देश कौशल विकास, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और नदियों की सफाई में सहयोग के लिए एक रोड मैप तैयार करने के लिए सहमत हुए.
फ्रैंक ने हौज खास मेट्रो स्टेशन का दौरा किया जहां सुरंग खोदने की प्रक्रिया चल रही है.
उन्होंने इस प्रक्रिया का दौरा और सर्वेक्षण भी किया क्योंकि दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) एक जर्मन कंपनी हेरेनकेट द्वारा प्रदान की गई थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और जर्मनी को “एक-दूसरे के लिए निर्मित” बताया, जो पूरक कौशलों और संसाधनों के कारण विनिर्माण और ढांचागत विकास में साझेदारी करने के जरिए औद्योगिक विकास की अगली पीढ़ी को ताकत दे सकते हैं.
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