पाकिस्तान से मुक्ति के लिए बांग्लादेश की लड़ाई में अहम योगदान देने वाले पूर्व आईएएस अधिकारी हिमांशु मोहन चौधरी को बांग्लादेश ने मुक्ति युद्ध मित्र सम्मान से 24 मार्च 2013 को सम्मानित किया. बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित एक समारोह में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजिद ने उन्हें प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान किया.
हिमांशु मोहन वर्ष 1971 में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से सटे त्रिपुरा के सोनामूरा इलाके में बतौर सब डिविजनल ऑफिसर तैनात थे. हिमांशु मोहन चौधरी ने त्रिपुरा के सोनामूरा इलाके में वर्ष 1971 में बांग्लादेश से आने वाले शरणार्थियों को रहने-खाने से लेकर उनके बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने तक का काम किया था.
विदित हो कि युद्ध से प्रभावित सीमावर्ती इलाके में काम करने के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1972 में हिमांशु मोहन चौधरी को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था. तत्कालीन राष्ट्रपति वीवी गिरी ने उन्हें पद्श्री पुरस्कार दिया था.
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