यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंब्रिज के टेकटॉनिक्स विशेषज्ञ जेम्स जैक्सन ने नेपाल में 25 अप्रैल 2015 को आये विनाशकारी भूकंप के दौरान पैदा होने वाली ध्वनि तरंगों द्वारा प्राप्त आंकड़ों का शोध करके रिपोर्ट जारी की जिसमें उन्होंने बताया कि राजधानी काठमांडू 10 फुट (3 मीटर) दक्षिण में खिसक गयी है.
इस तथ्य की पुष्टि नासा द्वारा भूकंपीय क्षेत्र का सेटेलाइट अध्ययन करके भी की गयी. वैज्ञानिकों के अनुसार काठमांडू 30 सेकेंड में अपनी धुरी से 10 फुट दक्षिण की ओर खिसक गया.
7.9 तीव्रता के भूकंप की वजह से इंडियन प्लेट के यूरेशियन प्लेट के नीचे खिसकने से पैदा हुए घर्षण के कारण कारण पृथ्वी का 7,200 वर्ग किलोमीटर भूभाग अपनी जगह से तीन मीटर ऊपर उठ गया. इस खिंचाव से 79 लाख टन टीएनटी ऊर्जा निकली जिससे पृथ्वी की धुरी पर भी असर पड़ा. यह हिरोशिमा में हुए एटमी धमाके से निकली ऊर्जा से 504.4 गुना ज्यादा थी.
इतिहास
नासा के भूविज्ञानी रिचर्ड ग्रॉस की रिपोर्ट के अनुसार इस प्रकार के भूकंप से काठमांडू की भौगोलिक स्थिति में बदलाव हो गया है. उनकी रिपोर्ट के अनुसार जापान में वर्ष 2011 में आये भूकंप से वहां दिन की अवधि 1.8 माइक्रोसेकेंड कम हो गयी थी.
असम तथा तिब्बत क्षेत्र में वर्ष 1950 में 8.6 तीव्रता के भूकंप के कारण हिमालय की चट्टानें 30 मीटर तक खिसक गयी थीं.
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