अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (यूएसएफडीए) ने भारतीय कंपनी वॉकहार्ट की दो दवाओं को योग्य संक्रामक रोग उत्पाद (क्वालिफायड इंफेक्शियस डीजीज प्रोडक्ट, क्यूआईडीपी) का दर्जा 31 अगस्त 2014 को प्रदान किया. क्यूआईडीपी दर्जा हासिल करने वाली दो दवाएं हैं- WCK 771 और WCK 2349. इसके साथ ही वॉकहार्ट पहली भारतीय दवा कंपनी बन गई जिसकी दवाओं को क्यूआईडीपी का दर्जा दिया गया.
WCK 771 नसों में दी जाने वाली (intravenous ) एक दवा है जबकि WCK 2349 एक गोली. ये दोनों दवाएं मेथिसीलिन– रेसिस्टेंट स्टाफाइलोकोकस ऑरियस (एमआरएसए) के खिलाफ काम करती हैं जो कि त्वचा संक्रमण वाले रोगों से लेकर श्वसन संबंधी गंभीर संक्रमण के लिए जिम्मेदार होते हैं. इसके अलावा ये दोनों ही दवाएं हॉस्पिस्टल अक्वायर्ड निमोनिया (एचएपी) के इलाज में बेहद प्रभावी हैं.
क्यूआईडीपी दर्जे के बारे में
क्यूआईडीपी का दर्जा उन दवाओं को दिया जाता है जो रोगजनकों के खिलाफ कार्य करते हैं और जिनमें उनके उपचार की जरूरतों को पूरा करने की जबरदस्त क्षमता होती है. इन दवाओं की पहचान अमेरिकी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा निकाय का रोग नियंत्रण केंद्र (सेंटर फॉर डीजिज कंट्रोल) करता है. इस दर्जे के मिलने से दवा के एफडीए द्वारा दवा के उपयोग की तेजी से समीक्षा की अनुमति मिल जाती है जिससे उसे जल्द से जल्द बाजार में मुहैया कराने का रास्ता बनता है.
वॉकहार्ट के बारे में
• वॉकहार्ट प्रौद्योगिकी उन्मुख वैश्विक दवा एवं जैव प्रौद्योगिकी कंपनी है.
• विश्व स्तर पर इसके बहु– अनुशासनिक और नवीन अनुसंधान वाले प्रोग्राम्स चलते हैं और यह बौद्धिक संपत्ति बनाने पर ज्यादा जोर दे रहा है.
• विश्व में इसके तीन अनुसंधान केंद्र- भारत, अमेरिका, यूके में हैं और आयरलैंड में विनिर्माण सुविधाएं हैं.
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