लोक सभा ने 25 फरवरी 2016 को चुनाव अधिनियम (संशोधन) विधयेक 2016 पारित किया. इस विधेयक के तहत परिसीमन अधिनियम 2002 की धारा 11 और जन प्रतिनिधित्व कानून 1950 की धारा 9 में संशोधन करने की बात कही गयी है.
इस अधिनियम के तहत संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की (सीमाओं का निर्धारण) सीटों का आवंटन एवं परिसीमन निश्चित किया जा सकेगा.
विधेयक के मुख्य बिंदु
उद्देश्य : इसका उद्देश्य पश्चिम बंगाल में कूच बिहार जिले में परिसीमन का अधिकार प्रदान करना है. यह अधिकार संविधान के 100वें संशोधन से प्रदान किया गया.
100वां संविधान संशोधन : इसके तहत 51 बंगलादेशी एवं 111 भारतीय क्षेत्रों का 31 जुलाई 2015 को आदान-प्रदान किया गया. यह वह क्षेत्र हैं जो उस देश का भाग है किन्तु पूरी तरह पडोसी देश द्वारा घिरा हुआ है.
चुनाव आयोग को अतिरिक्त अधिकार : इस विधेयक से चुनाव आयोग को अतिरिक्त शक्तियां प्राप्त होती हैं. इसके अनुसार चुनाव आयोग निम्न क्षेत्रों में परिसीमन के आदेश में संशोधन कर सकते हैं.
a) भारत से बांग्लादेश को स्थानांतरित किये गये क्षेत्र को छोड़कर
b) तथा, भारत में बांग्लादेश से स्थानांतरित किये गये क्षेत्र
जनप्रतिनिधित्व कानून, 1950 और परिसीमन अधिनियम, 2002: इस अधिनियम के अनुच्छेद 9 एवं धारा 4 के तहत चुनाव आयोग परिसीमन के आदेश का पालन करता है.
परिसीमन आदेश में चुनाव आयोग का उत्तरदायित्व - परिसीमन के आदेश द्वारा प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं को निर्दिष्ट किया जाना चाहिए. इसमें निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं –
• मुद्रण गलतियों और अनजाने में हुई त्रुटियों को सही करना.
• यदि परिसीमन आदेश में किसी क्षेत्र का नाम बदला गया है तो इस संबंध में आवश्यक संशोधन करना.
• यह विधेयक लोक सभा में विधि और न्याय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा द्वारा 24 फरवरी 2016 को पेश किया गया.
• इससे पहले केंद्र सरकार ने 17 फरवरी 2016 को परिसीमन अधिनियम 2002 एवं जन प्रतिनिधित्व कानून 1950 में संशोधन को मंजूरी दी थी.
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