प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण के जन्म स्थान पर एक राष्ट्रीय स्मारक स्थापित करने की मंजूरी 24 जून 2015 को प्रदान की.
लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जन्म बिहार के छपरा (सारन) जिले में लाला का टोला, सिताब, दियारा में 11 अक्टूबर 1902 को हुआ था.
इस स्मारक से भारत की आजादी के आंदोलन, एक स्वाधीनता सेनानी, सामाजिक सुधारक और दूरदर्शी राजनैतिक नेता के रूप में ‘भारत रत्न’ लोक नायक जय प्रकाश नारायण के योगदान को याद किया जाएगा.
इस स्मारक में एक संग्रहालय और एक संस्थान लोक नायक खादी गौरव संवर्द्धन केंद्र बनाया जाएगा.
इस संस्थान में लोक नायक जय प्रकाश नारायण के विचारों को ध्यान में रखते हुए (क) लोकतंत्र (ख) राष्ट्र निर्माण में पंचायतों की भूमिका बढ़ाने (ग) गांधीवादी विचारों और (घ) खादी के लिए केंद्र और रचनात्मक कार्यों के बारे में अध्ययन और अनुसंधान कराया जा सकेगा.
महिला समूहों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज बनाने के लिए लोक नायक खादी गौरव संवर्द्धन केंद्र का उपयोग किया जाएगा.
राष्ट्रीय स्मारक स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव संस्कृति मंत्रालय ने तैयार किया था.
लोकनायक जयप्रकाश नारायण से संबंधित मुख्य तथ्य
जय प्रकाश नारायण को लोक नायक या जेपी के नाम से भी जाना जाता है. उन्हें प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा घोषित राष्ट्रीय आपातकाल में 25 जून 1975 की आधी रात को गिरफ्तार कर लिया गया था और चंडीगढ़ में बंदी बनाकर रखा गया था.
भारत की आजादी के बाद नागरिकों की स्वतंत्रता की रक्षा करने और उसे बरकरार रखने के लिए जय प्रकाश नारायण के ‘संपूर्ण क्रांति’ के आह्वान से भारत में एक नये लोकतांत्रिक आंदोलन का प्रवेश हुआ और इसने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत बनाने में योगदान दिया.
वर्ष 1998 में उन्हें भारत रत्न से सम्मनित किया गया. उनकी आत्मकथा ‘जयप्रकाश’ रामवृक्ष बेनीपुरी द्वारा लिखी गई.
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