India Current Affairs 2011. फ़िल्मकार और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मणि कौल का नई दिल्ली में 6 जुलाई 2011 को निधन हो गया. वह 66 वर्ष के थे. उन्होंने अपने कॅरियर की शुरुआत 1969 में हिंदी फिल्म उसकी रोटी से की. जो एक प्रयोगात्मक फ़िल्म थी. इसके लिए मणि कौल को पहली बार फ़िल्मफ़ेयर क्रिटिक्स अवार्ड दिया गया. इसके अतिरिक्त निर्देशक मणि कौल द्वारा निर्देशित फ़िल्में आषाढ़ का एक दिन (1971), दुविधा (वर्ष 1973) और इडियट (1993) को फ़िल्मफ़ेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड प्रदान किया गया. ठुमरी गायिका सिद्धेश्वरी देवी के जीवन पर आधारित ग़ैर-फ़ीचर फ़िल्म सिद्धेश्वरी को 1989 में सर्वश्रेष्ठ वृतचित्र का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला.
फिल्म आषाढ़ का एक दिन मोहन राकेश के नाटक आषाढ़ का एक दिन पर आधारित है. इसमें ओम शिव पुरी, रेखा सबनिस और अरुण खोपकर ने काम किया था. फ़िल्म दुविधा को भी काफ़ी सराहना मिली. जो राजस्थानी लोक कथा पर आधारित है. बाद में शाहरुख़ खान ने इसी से मिलती जुलती फ़िल्म पहेली बनाई. मणि कौल ने कुछ लोगों के साथ मिलकर 70 के दशक में घासीराम कोतवाल नाटक पर आधारित फ़िल्म भी बनाई, जो ओम पुरी की पहली फ़िल्म थी. 90 के दशक में उन्होंने टीवी के लिए मिनीसिरीज़ इडियट बनाई, जिसे बाद में उन्होंने बतौर फ़िल्म पेश किया. इसमें शाहरुख़ खान ने भी रोल किया था जब वे बड़े स्टार नहीं बने थे. मणि कौल द्वरा निर्देशित डॉक्यूमेंट्री में वृत्तचित्र ध्रुपद भी शामिल था.
उनकी अन्य फिल्में घासीराम कोतवाल, ध्रूपद, माती मानस, नजर, नौकर की कमीज, सतह से उठता आदमी आदि हैं.
विदित हो कि मणि कौल का जन्म राजस्थान के जोधपुर में कश्मीरी मूल के परिवार में 25 दिसम्बर 1944 को हुआ था. इन्होंने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, ( एफ़टीटीआई) पुणे में बंगला नव यथार्थवादी सिनेमा के पुरोधा ऋत्विक घटक के मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त की थी. मणि कौल का नई धारा के सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान है. कौल ने अपनी प्रगतिशील, अलंकृत भाषा और प्रयोग से भारतीय सिनेमा में नये आंदोलन की शुरूआत की.
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