Chhath Puja 2022 Celebration: तिथि, समय, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, शुभकामनाएं, सूर्य षष्ठी और उषा अर्घ्य का महत्व

Chhath Puja 2021 Celebration: इस साल छठ पूजा का उत्सव 8 नवंबर को नहाय खाय से शुरू होकर 11 नवंबर को उषा अर्घ्य के साथ समाप्त होगा. आइये इस लेख के माध्यम से छठ पूजा की तिथि, पूजा की विधि, शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं और साथ ही अपने प्रियजनों को दें शुभकामनाएं.
Chhath Puja Celebration
Chhath Puja Celebration

Chhath Puja 2021 Celebration: चार दिन तक चलने वाला छठ का त्योहार भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण और धार्मिक हिंदू त्योहारों में से एक है. यह कार्तिक महीने के छठे दिन मनाया जाता है. इस त्योहार को मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मनाया जाता है.

छठ पूजा 28 अक्टूबर को नहाय खाय की रस्म के साथ शुरू हुआ. महत्वपूर्ण त्योहार छठ पूजा 2022 चल रहा है और आज तीसरे दिन संध्या अर्घ्य मनाया जा रहा है.  इस दिन, महिलाएं सबसे कठिन उपवासों में से एक का पालन करती हैं जिसमें वे लगभग 36 घंटे तक बिना भोजन और पानी के रहती हैं. व्रत सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद शुरू होता है और अगले दिन सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद ही समाप्त होता है.

छठ पूजा (संध्या अर्घ्य, तीसरा दिन) 2022: तिथि और शुभ मुहूर्त

दिनांक: 30 अक्टूबर, 2022
सूर्योदय लगभग सुबह 06:14 बजे, जबकि सूर्यास्त लगभग शाम 05:30 बजे होगा.

छठ पूजा (उषा अर्घ्य, चौथा  दिन) 2022: तिथि और शुभ मुहूर्त

छठ पूजा का यह चौथा और अंतिम दिन होता है जिसे पारन दिन के नाम से भी जाना जाता है जो कि 31 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन, भक्त उगते सूरज को उषा अर्घ्य देते हैं. वे प्रसाद बांटकर अपना व्रत समाप्त करते हैं. सूर्योदय और सूर्यास्त का समय क्रमशः सुबह 06:15 बजे और शाम 05:24 बजे होने का अनुमान है.

छठ पूजा (संध्या अर्घ्य) 2022: पूजा विधि

इस दिन, भक्त अपने परिवार के साथ पवित्र नदी के तट पर सुबह जल्दी सूर्य अर्घ्य देने के लिए इकट्ठा होते हैं. अर्घ्य देने के बाद व्रत रखने वाली महिलाएं घाट पर मौजूद सभी लोगों को प्रसाद के रूप में ठेकुआ और अन्य खाद्य सामग्री बांटती हैं. 

Chhath Puja 2022: छठ पूजा का इतिहास

 ऐसी मान्यता है कि छठ पूजा सूर्य भगवान और उनकी वैदिक पत्नी प्रत्यूषा (शाम की देवी) और उषा (भोर की वैदिक देवी) की पूजा करके पृथ्वी पर जीवन देने के लिए और कुछ इच्छाओं को पूरा करने का अनुरोध करने के लिए मनाया जाता है. "छठी मैया" को "त्योहार की देवी" के रूप में पूजा जाता है. यह वह देवी माँ हैं जो गरीबों को सहायता और शक्ति प्रदान करती हैं.

Chhath Puja 2022: छठ पूजा का त्योहार कैसे मनाया जाता है?

इस साल, छठ 28 अक्टूबर को खाय के साथ शुरू हुआ और 31 अक्टूबर को  उषा अर्घ्य के साथ समाप्त होगा, जब भक्त उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद अपना 36 घंटे लंबा 'निर्जला' उपवास तोड़ते हैं. 

पर्यावरणविदों के अनुसार, छठ पूजा सबसे पर्यावरण के अनुकूल धार्मिक त्योहारों में से एक है जिसका उपयोग "प्रकृति संरक्षण का संदेश" फैलाने के लिए किया जाना चाहिए.

Chhath Puja 2022 Wishes: छठ पूजा पर अपने प्रियजनों को दें शुभकामनाएँ 

1. इस व्रत को करने से मिलता है, संतान को दीर्घायु का वरदान. ये छठ आपके जीवन में भी लाए उमंग, उल्लास और खुशियां अपार. मुबारक हो आपको छठ का त्योहार!

2. मंदिर की घंटी, आरती की थाली
नदी के किनारे सूरज की लाली
जिंदगी में आए खुशियों की बहार
आपको मुबारक हो छठ का त्योहार!

3. सदा दूर रहो गम की परछाई से
सामना न हो कभी तन्हाई से,
हर ख्वाब आपका हो पूरा
रह ना जाए कोई अरमान अधूरा
छठ पूजा की ढेर सारी शुभकामनाएं!

4. गेहूं का ठेकुआ, चावल के लड्डू
खीर,अन्नानास, नीम्बू और कद्दू
छठी मैया करे हर मुराद पूरी
बांटे घर-घर लड्डू…
जय छठी मैया शुभ छठ पूजा!

5. नहाय-खाय और खरना से करते हैं छठ के पर्व की शुरुआत
लहलहाते रहें खेत-खलिहान, संतान को प्राप्त हो दीर्घायु का आशीर्वाद
सभी के परिवार में बनी रहे सुख-समृद्धि, छठ मईया से मांगते हैं यही मुराद
छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं!

छठ पूजा 2022: इतिहास, उत्पत्ति और संस्कार के सम्बंध में 9 अद्भुत तथ्य

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