कौन से स्पेशल कमांडोज करते है जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन की सुरक्षा? जानें नाम और ताकत
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा CORAS (Commandos for Railway Security) कमांडोज संभालते हैं। ये आरपीएफ और आरपीएसएफ की एलीट यूनिट है, जिसे 2019 में लॉन्च किया गया था। कमांडोज IED डिस्पोजल, स्नाइपिंग, बंधक बचाव और एंटी-इंसर्जेंसी ऑपरेशन में प्रशिक्षित हैं। ट्रेन में 21 सदस्यीय हाई-सिक्योरिटी टीम तैनात रहती है।
जम्मू-कटरा-श्रीनगर-बारामूला रेल रूट देश के सबसे संवेदनशील मार्गों में गिना जाता है। पहाड़ों, सुरंगों और हाई-अलर्ट इलाकों से गुजरने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस की सुरक्षा को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यहां CORAS कमांडोज की तैनाती की है। ट्रेन में 21 सदस्यीय विशेष सुरक्षा टीम मौजूद रहती है, जिसमें आरपीएफ के एलीट कमांडो शामिल हैं।
क्या है CORAS?
CORAS यानी Commandos for Railway Security भारतीय रेलवे की स्पेशल कमांडो यूनिट है। इसकी शुरुआत 14 अगस्त 2019 को तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने की थी। यह यूनिट रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) के तहत काम करती है।
पहले यह RPSF की 9वीं बटालियन थी, जिसे बाद में हाई-टेक कमांडो फोर्स के रूप में तैयार किया गया। इसका उद्देश्य सिर्फ ट्रेन सुरक्षा नहीं, बल्कि आतंकी हमले, बंधक संकट, तोड़फोड़ और आपदा जैसी परिस्थितियों में तुरंत कार्रवाई करना भी है।
स्पेशल CORAS कमांडोज: हाईलाइट्स
| फ़ीचर | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | CORAS = कमांडोज फॉर रेलवे सिक्योरिटी (Commandos for Railway Security) / कमांडोज फॉर रेलवे सेफ्टी |
| स्थापना | 14 अगस्त 2019 को तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल द्वारा लॉन्च |
| मूल संगठन | रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) और रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स (RPSF) |
| पुरानी पहचान | पहले RPSF की 9वीं बटालियन, जिसे बाद में CORAS में बदला गया |
किन मिशनों में माहिर हैं CORAS कमांडोज?
CORAS कमांडोज को बेहद कठिन और हाई-रिस्क ऑपरेशंस के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। ये कमांडो लैंडमाइन और IED निष्क्रिय करने से लेकर स्नाइपिंग, बंधक बचाव और एंटी-इंसर्जेंसी ऑपरेशन तक में दक्ष होते हैं।
इनकी ट्रेनिंग NSG अकादमी और ग्रेहाउंड्स जैसी देश की एलीट फोर्स के साथ हुई है। हरियाणा के जगाधरी में इनके लिए आधुनिक ट्रेनिंग सेंटर भी तैयार किया जा रहा है।
वंदे भारत में कैसी है सुरक्षा व्यवस्था?
कटरा से श्रीनगर और बारामूला तक करीब 327 किलोमीटर लंबे इस रूट पर “वन प्लस ट्वेंटी” सुरक्षा मॉडल लागू किया गया है। इसके तहत एक इंस्पेक्टर और 20 सुरक्षाकर्मी ट्रेन में तैनात रहते हैं। वंदे भारत के हर कोच में दो CORAS कमांडो मौजूद रहते हैं। ये कमांडो अत्याधुनिक हथियारों, बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट और विशेष सुरक्षा उपकरणों से लैस होते हैं।
क्यों संवेदनशील है यह रूट?
कटरा से श्रीनगर के बीच का क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। ट्रेन कई पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरती है, इसलिए यहां सुरक्षा में किसी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है।
रेलवे सुरक्षा में बड़ा बदलाव
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत में CORAS की तैनाती भारतीय रेलवे की सुरक्षा रणनीति में बड़ा कदम मानी जा रही है। हाई-टेक हथियारों, विशेष ट्रेनिंग और चौकस निगरानी के जरिए रेलवे ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा उसके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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