Lesson of the Day: “"सपने वो नहीं हैं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो…..”
इस लेख का मुख्य संदेश सबके लिए यह है कि असली सपने वह नहीं हैं जो हम नींद में अचेत होकर देखते हैं, बल्कि वह लक्ष्य और जुनून हैं, जो हमें जाग्रत अवस्था में भी चैन से बैठने नहीं देते। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जीवन और इस विचार से हमें यह सीख मिलती है कि शिक्षा और करियर में सफलता पाने के लिए केवल इच्छा रखना काफी नहीं है, बल्कि उसके लिए हमारे भीतर एक ऐसी तड़प होनी चाहिए जो आलस और नींद को दूर भगा दे।
जब हम बिस्तर पर आंखें बंद करते हैं, तो हमारे दिमाग में कई तरह की कहानियां और तस्वीरें आती रहती हैं, जिन्हें हम 'सपना' कहते हैं। लेकिन भारत के महान वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने सपनों की एक बिल्कुल नई और जादुई परिभाषा दी है। आज हमने कलाम जी का एक खूबसूरत कथन उठाया है, जो काफी खूबसूरत है। साथ ही, आइए उनके इस विचार की गहराई को समझते हैं।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कौन थे?
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारत का 'मिसाइल मैन' कहा जाता है। वे हमारे देश के 11वें राष्ट्रपति थे। एक बेहद गरीब परिवार में जन्म लेने के बावजूद, उन्होंने अपनी मेहनत और शिक्षा के दम पर देश के सबसे ऊंचे पद को हासिल किया। वे बच्चों और छात्रों से बहुत प्यार करते थे और हमेशा उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते थे।
"सपने वो नहीं हैं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने ही नहीं देते।"
— डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
इस अनमोल विचार और कथन का सीधा और सरल मतलब
कलाम साहब के इस वाक्य का मतलब बहुत सीधा और खूबसूरत है:
- सोते हुए सपने देखना: यह केवल एक कल्पना है, जिसमें हमारा कोई कंट्रोल नहीं होता। ये वो सपने हैं, जो सुबह उठते ही गायब हो जाते हैं।
- जागते हुए सपने देखना: यह आपका 'लक्ष्य' यानी Goal के लिए कहा गया है। यह वह इच्छा है, जो आपके दिल और दिमाग में इस कदर बस जाती है कि आप उसे पूरा किए बिना आराम से बैठ ही नहीं पाते।
विचार को समझने के लिए नया नजरियां
आज हम आपको कलाम जी के इस कथन को काफी आसान तरीका से समझाने की कोशिश करेंगे। सोचिए, जब आपको अपनी पसंद का कोई खेल खेलना हो, या किसी पसंदीदा ट्रिप पर जाना हो, तो क्या आपको रात को नींद आती है? नहीं न! आप पूरी रात उसी के बारे में सोचते रहते हैं।
ठीक ऐसा ही हमारे करियर, पढ़ाई और लक्ष्यों के साथ होना चाहिए। इस कथन में दो चीजे काफी गहराई में है। यहां से जानें:-
- जुनून की आग: असली सपना वो है, जो आपके अंदर एक आग जला देता है। जब आप अपनी पढ़ाई या किसी बड़े काम को लेकर सच्चे दिल से ठान लेते हैं, तो आपकी आलस और नींद अपने आप गायब हो जाती है।
- बिस्तर से जगाने वाली ताकत: अगर सुबह उठने के लिए आपको अलार्म की जरूरत पड़ रही है, तो शायद आपका सपना अभी छोटा है। लेकिन, जब आपका सपना बड़ा होगा, तो अलार्म नहीं, बल्कि आपका लक्ष्य आपको बिस्तर से खींचकर खड़ा कर देगा।
आज की सीख
छात्रों और सभी के लिए इस कथन से हम आपके लिए एक सीख लेकर आए है, जिसके बारें में आपको जरूर सोचना चाहिए। जैसे यह कथन शिक्षा के क्षेत्र में इस विचार का बहुत बड़ा महत्व है। यदि आप एक छात्र हैं, तो केवल यह मत सोचिए कि "मुझे एक दिन बड़ा आदमी बनना है।" बल्कि आज से ही उस बड़े आदमी बनने की दिशा में काम शुरू कर दीजिए।
अपनी पढ़ाई को एक मजबूरी नहीं, बल्कि अपने सपनों को सच करने का रास्ता बनाइए। जब पढ़ाई आपका जुनून बन जाएगी, तो सफलता खुद-ब-खुद आपके कदम चूमेगी।
Akshara Verma is a digital journalist. She writes in Hindi and is a subject matter expert in Education, Government Jobs, Current Affairs, General Knowledge, News, delivering accurate and authoritative content for a wide readership of Jagran Josh.
A graduate of Bharati Vidyapeeth's Institute of Computer Applications and Management (BVICAM) with a Bachelor of Journalism and Mass Communication, Akshara brings a strong academic and professional foundation to her work. She has previously held content writing and Public Relations roles at Genesis BCW and Dainik Bhaskar, experiences that have sharpened her ability to craft impactful, audience-first content across diverse formats. She can be reached at akshara.verma@jagrannewmedia.com.