Happy Hypoxia क्या है और यह COVID-19 युवा रोगियों को कैसे प्रभावित करता है?

COVID-19 महामारी ने समय के साथ कई रहस्यमय लक्षण प्रदर्शित किए हैं. सबसे चौंकाने वालों में से एक 'Happy Hypoxia' है. आइये इसके बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं की यह COVID-19 युवा रोगियों को कैसे प्रभावित करता है, और ऑक्सीजन स्तर में अचानक गिरावट क्यों आ जाती है, इत्यादि.
Created On: May 12, 2021 18:48 IST
Modified On: May 12, 2021 21:10 IST
Happy Hypoxia
Happy Hypoxia

समय के साथ Covid-19 रोग के कई रहस्यमय लक्षण सामने आए हैं. सबसे चौंकाने वाले लक्षणों में से एक 'Happy Hypoxia' है. दूसरी लहर या सेकंड वेव (Second wave) में, जो पहले प्रकोप के विपरीत युवा आबादी को प्रभावित कर रहा है, अधिक से अधिक रोगी कथित रूप से इस स्थिति से पीड़ित हैं.

इसमें कोई संदेह नहीं है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में, 'Happy Hypoxia' युवा पीढ़ी में होने वाली मौतों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

जैसा की हम जानते हैं कि भारत कोरोनोवायरस संक्रमण की दूसरी लहर या सेकंड वेव (Second wave) की चपेट में है. यह लहर कुछ अधिक युवा लोगों को प्रभावित कर रही है. आखिर इस लहर में युवा आबादी खतरे में क्यों है? 

मासिना अस्पताल (Masina Hospital) के चिकित्सा निदेशक डॉ. सत्येंद्र नाथ मेहरा (Dr. Satyendra Nath Mehra) ने इस लहर में युवाओं को घातक नॉवेल कोरोनावायरस के प्रति संवेदनशील बनाने वाले कारकों की व्याख्या की है. उनके अनुसार, दो प्रमुख कारकों के कारण कोई भी बिना कॉमोरबीडिटीज़ (Comorbidities) वाले युवा रोगी सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं.  पहला कारण "अधिकांश युवा पीढ़ी के रोगियों को यह भी पता नहीं होता है कि उनका ऑक्सीजन स्तर कम हो रहा है, और वे बिना किसी हस्तक्षेप के अपनी सामान्य गतिविधियों को जारी रखते हैं. अचानक ऑक्सीजन का स्तर नीचे गिर जाता है और रोगी अस्थिर हो जाता है. इस स्थिति को ही 'Happy Hypoxia' के रूप में जाना जाता है और इसके परिणामस्वरूप COVID-19  की प्रगति होती है, जिससे मृत्यु भी हो जाती है.

डॉ. मेहरा "युवा लोगों को कोरोना की चपेट में आने का दूसरा कारण यह बताते हैं कि वें COVID-19 बीमारी से बचाव, मास्क पहनने, नियमित रूप से हाथ साफ करने, सामाजिक दूरी बनाए रखने, इत्यादि महत्वपूर्ण सावधानी बरतने में पीछे रह गए या यू कहें की ये सब ज़रुरी एहतियात नही ले रहे थे. इसलिए भी ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के प्रमुख डॉ. बलराम भार्गव (Dr Balram Bhargava) के अनुसार COVID-19 महामारी की दूसरी लहर युवा लोगों को थोड़ी अधिक संख्या को प्रभावित कर रही है क्योंकि वे बाहर जाने लगे होंगे और SARs-COV-2 के कुछ वेरिएंट देश में प्रचलित हैं जो कि एक और कारण हो सकता है.

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 'Happy Hypoxia' क्या है?

जब COVID-19 महामारी की शुरुआत हुई थी तो काफी सामान्य लक्ष्ण देखने को मिल रहे थे जैसे की कॉमन कोल्ड, फ्लू , इत्यादि और गंभीर होने पर सांस लेने में तकलीफ होती है. इस प्रकार के ही लक्ष्ण बताए जा रहे थे. लेकिन जैसे जैसे ये फैलने लगा इसके लक्षणों में भी कुछ बदलाव देखने को मिले जैसे दस्त लगना (Diarrhoea), गंध और स्वाद का चले जाना, छोटी रक्त वाहिकाओं में थक्कों का बनना, इत्यादि.

COVID-19 रोग ने समय के साथ कई रहस्यमय लक्षण प्रदर्शित किए हैं. सबसे चौंकाने वाले लक्षणों में से एक 'Silent Hypoxemia' जिसे  'Happy Hypoxia' के रूप में भी जाना जाता है.

Hypoxia रक्त में बहुत कम ऑक्सीजन स्तर को संदर्भित करता है.  एक स्वस्थ व्यक्ति के रक्तप्रवाह में सामान्य ऑक्सीजन लेवल 95% से ऊपर होता है, लेकिन COVID-19 रोगियों में 40% से कम की खतरनाक गिरावट देखी गई है.
Hypoxia गुर्दे (Kidneys), मस्तिष्क, हृदय जैसे महत्वपूर्ण शरीर के अंगों की आसन्न विफलता के लिए एक चेतावनी संकेत है और आमतौर पर प्रमुख सांस की तकलीफ के साथ होता है.

लेकिन 'Happy Hypoxia' ऐसे किसी भी स्पष्ट बाहरी संकेत का संकेत नहीं देता है. नतीजतन, बीमारी के प्रारंभिक चरणों में, बाहर से COVID-19 रोगी, ठीक दिखाई देता है और "स्वस्थ" होता है.

आखिर ऑक्सीजन लेवल का रोगियों में कम होने के पीछे का कारण क्या है?

शोधकर्ताओं और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार जमावट या गाढ़ापन (Coagulation), या व्यापक थक्के, जो फेफड़ों में छोटे रक्त वाहिकाओं के जटिल नेटवर्क में हो जाते हैं, को प्राथमिक कारण 'Happy Hypoxia' का माना जाता है.

इसके पीछे अंतर्निहित कारक, शरीर में एक Inflammatory reaction है. यह बदले में फेफड़ों में कोशिकाओं और ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति प्राप्त करने से रोकता है. इससे अंगों को काम करना बंद हो सकता है और स्थिति जीवन के लिए खतरा बन सकती है.

अब यहाँ एक प्रश्न आता है कि आखिर युवाओं में 'Happy Hypoxia' क्यों हो रहा है?

युवाओं को अपनी उच्च प्रतिरक्षा और सामान्य स्वास्थ्य के कारण रक्त में ऑक्सीजन के स्तर में गिरावट का एहसास नहीं होता है लेकिन अंदर से ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा होता है.

'Happy Hypoxia' की पहचान कैसे करें?

यहां तक कि ठंड, खांसी, गले में खराश, बुखार, सिरदर्द जैसे COVID-19 के केवल मामूली लक्षणों को चित्रित करते हुए, बिना किसी प्रकार की सांस की कठिनाई के अगर हों तो एक पल्स ऑक्सीमीटर (Pulse Oximeter) का उपयोग करके रक्त ऑक्सीजन के स्तर को लगातार मापने की सलाह दी जाती है. साथ ही, होंठों का रंग प्राकृतिक रंग से बदलकर नीला दिखाई देता है तो भी रक्त में ऑक्सीजन के स्तर को मापना अनिवार्य है.

एक पल्स ऑक्समीटर (Pulse Oximeter) क्या है?

पल्स ऑक्समीटर (Pulse Oximeter) एक कॉम्पैक्ट, पोर्टेबल गैजेट है, जो सिस्टम में ऑक्सीजन की मात्रा को मापता है. यह एक Non-invasive तकनीक है, जिसका उपयोग तेजी से रक्त ऑक्सीजन लेवल और हृदय गति की रीडिंग प्राप्त करने के लिए किया जाता है.

कोरोनोवायरस रोग, सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, एक संक्रामक बीमारी है जो श्वास और ऊपरी श्वसन पथ को प्रभावित करती है, अंततः स्थिति के उन्नत चरणों में फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है. पल्स ऑक्सीमीटर (Pulse Oximeter), इसलिए, एक बहुत ही उपयोगी उपकरण है जो COVID -19 के शुरुआती चरण में रक्त ऑक्सीजन की सांद्रता का पता लगाने में मदद कर सकता है, और अधिक गंभीर रूपों में बीमारी प्रकट होने से पहले भी पता चल सकता है. यह वायरस से पीड़ित लोगों के लिए तुरंत अलग करने और शीघ्र चिकित्सा प्रदान करने में सहायता करेगा, साथ ही समुदाय के बीच COVID-19 के प्रसार पर भी काफी अंकुश लगाएगा.

तो अब आप 'Happy Hypoxia' के बारे में जान गए होंगे और साथ ही आखिर युवाएं ही क्यों इससे ज्यादा तर प्रभावित हो रहे हैं. ज़रुरी एहतियात बरतें, घर पर रहें, ज़रुरी हो तब ही बाहर जाएं और सुरक्षित रहें.

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