किसे कहा जाता है ‘नौकरशाही का जनक’ और क्या हैं इससे जुड़े सिद्धांत, जानें यहां

Last Updated: Apr 6, 2026, 12:00 IST

वर्तमान में प्रत्येक व्यक्ति किसी-न-किसी रूप में नौकरशाही से जुड़ा हुआ है यह सरकारी से लेकर निजी संगठनों की सरंचना का हिस्सा बना हुआ है। ऐसे में इसके अपने सिद्धांत और नियम भी हैं। इस लेख में हम नौकरशाही के जनक और इससे जुड़े सिद्धांत के बारे में जानेंगे। 

नौकरशाही का जनक कौन है ?
नौकरशाही का जनक कौन है ?

नौकरशाही के बारे में हमें कौटिल्य के अर्थशास्त्र में भी पढ़ने को मिलता है। हालांकि, मौजूदा समय में नौकरशाही का विकास औद्योगिक विकास के साथ हुआ है। समय के साथ नौकरशाही का परिभाषा बदली है, जिसे हम आधुनिक नौकरशाही के रूप में जानते हैं।

इस कड़ी में मैक्स वेबर को आधुनिक नौकरशाही का जनक कहा जाता है। वेबर ने नौकरशाही पर अध्ययन किया है। ऐसे में यहां जानना जरूरी है कि आखिर आधुनिक नौकरशाही क्या है और इससे जुड़े सिद्धांत कौन-से हैं ? जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें। 

कहां से आया नौकरशाही शब्द

नौकरशाही शब्द 1745 में फ्रांसीसी अर्थशास्त्री विन्सेंट डी गोर्नी ने दिया था। इसे अंग्रेजी में Bureaucracy कहा जाता है, जो कि लैटिन भाषा के ‘ब्यूरो’ और ग्रीक भाषा के ‘क्रेसी’ शब्द से मिलकर बना है। यहां ब्यूरो का अर्थ ‘मेज’ और क्रेसी का अर्थ ‘शासन’ होता है। ऐसे में इसका पूरा अर्थ ‘मेज का शासन’ या ‘मेज सरकार’ से है। इसे कुछ लोग लाल फीताशाही भी कहते हैं। 

पुराने समय से उपयोग में है नौकरशाही

नौकरशाही एक पुरानी व्यवस्था है। पुराने समय में साम्राज्यों की विभिन्न क्षेत्रों में पकड़ को मजबूत करने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति, पदोन्नति, अधिकारों की स्पष्टता और संगठित पद्धति का विकास नौकरशाही के साथ ही हुआ था।

मैक्स वेबर के अनुसार नौकरशाही की विशेषताएं

मैक्स वेबर पहल ऐसे विद्वान रहे हैं, जिन्होंने नौकरशाही के नकारात्मक विचारों के बदले सकारात्मक विचारों पर जोर दिया है, जो कि इस प्रकार हैः

पदानुक्रम

वेबर के मुताबिक, नौकरशाही में एक पदानुक्रम होना चाहिए। इसके तहत प्रत्येक निचले कार्यालय के ऊपर एक बड़ा कार्यालय होना चाहिए, जिससे जिम्मेदारी तय होती है।

नियमों और विनियमों का अहम रोल

नौकरशाही किसी भावना या पसंद पर नहीं चलती है, बल्कि इसके लिए लिखित नियम होते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान व्यवहार हो।

योग्यता के अनुसार मिलता है काम

नौकरशाही में कर्मचारी को उसकी योग्यता के अनुसार काम सौंपा जाता है, जिससे काम में गुणवत्ता और गति, दोनों बनी रहती है।

योग्यता के आधार पर चयन

नौकरशाही में भाई-भतीजावाद नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर चयन होना चाहिए। इसके लिए परीक्षाओं का आयोजन भी किया जाता है।

करियर को मिले स्थिरता

कर्मचारी संगठन के लिए भविष्य में भी काम करता रहे, इसके लिए कर्मचारी को निश्चित वेतन, पदोन्नति व सेवानिवृत्ति का लाभ मिलना चाहिए।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Apr 6, 2026, 12:00 IST

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