कितने रुपये में बनकर तैयार हुआ था भारत का संविधान, जानें

Last Updated: Apr 5, 2026, 13:07 IST

भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जो कि अपने आप में एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण दस्तावेज है। जिस समय इसे तैयार किया गया था, उस समय एक बड़ी राशि और समय, दोनों ही इस पर खर्च हुआ था। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।

भारत का संविधान
भारत का संविधान

भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकतंत्र की शक्तियां और व्याख्या हमें भारत के संविधान में पढ़ने को मिलती हैं। यह लिखित दस्तावेज दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जिसे उस दौर में करीब 64 लाख रुपये की राशि खर्च कर तैयार किया गया था।

इसे बनाने में 2 साल से अधिक समय लगा था, जिसके बाद 26 नवंबर, 1949 को भारत का संविधान अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू कर दिया गया था। इस लेख में हम संविधान निर्माण की दिलचस्प कहानी को जानेंगे।

कुल कितने रुपये में तैयार हुआ था भारत का संविधान

भारत का संविधान उस दौर में 63 लाख 96 हजार 729 रुपये में तैयार हुआ था। इन रुपयों को मुख्य रूप से संविधान सभा की बैठकों, यात्रा, रिसर्च, अनुसंधान, छपाई और लेखन पर खर्च किया गया था। यदि मुद्रास्फीती के तौर पर देखें, तो मौजूदा समय में इसकी अनुमानित राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक होगी। 

कहां और किस प्रकार खर्च हुए रुपये

संविधान निर्माण के दौरान अलग-अलग प्रकार से रुपये को खर्च किया गया था, जो कि इस प्रकार हैः

संविधान सभा की बैठकें

संविधान निर्माण के दौरान संविधान सभा कुल 11 बैठकें हुई थी, जो कि 165 दिनों तक चली थीं। बैठकों के आयोजन और सदस्यों पर राशि को खर्च किया गया था।

रिसर्च में खर्च हुआ पैसा

उस समय बी.एन राउ ने विभिन्न देशों के संविधान का अध्ययन करने के लिए बहुत-सी यात्राएं की थी। भारत के संविधान में करीब 60 देशों की मुख्य बातों को शामिल किया गया था। ऐसे में यात्रा और रिसर्च में पैसा खर्च हुआ था।

छपाई और लेखन में खर्च हुआ था पैसा 

संविधान की मूल प्रतियों को हाथ से लिखा गया था और उन्हें सजाया भी गया है। इसके अतिरिक्त, इसे छापने के लिए भी धन खर्च किया गया था।

कितने दिनों में बनकर तैयार हुआ था भारत का संविधान

भारत का संविधान 2 साल, 11 महीने और 18 दिनों में बनकर तैयार हुआ था। संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर, 1946 को हुई थी और इसे 26 नवंबर, 1949 को अपनाया गया, लेकिन संविधान को लागू करने की तारीख 26 जनवरी, 1950 है।

किसने हाथ से लिखा है भारत का संविधान

भारत के संविधान को टाइप नहीं किया गया है, बल्कि इसे हाथ से लिखा गया है। इसे लिखने की जिम्मेदारी प्रेम बिहारी नारायण रायजादा को दी गई थी, जिन्होंने इटैलिक शैली में इसे लिखा था। वहीं, संविधान के हर पन्ने पर शांतिनिकेतन के कलाकारों की कलाकारी देखने को मिलती है। नंदलाल बोस और इनके शिष्यों  ने संविधान के पन्नों पर चित्रों को बनाया था।

संविधान में कुल कितने अनुच्छेद और अनुसूचियां

भारत के मूल संविधान में कुल 395 अनुच्छेद, 22 भाग और 8 अनुसूचियां थी, लेकिन वर्तमान में 470 से अधिक अनुच्छेद, 25 भाग 12 अनुसूचियां हो गई हैं।

पढ़ेंः भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण 80 अनुच्छेद, पढ़ें सूची

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Apr 5, 2026, 13:07 IST

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