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भारत ने 'मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' भूटान को किया हैंडओवर, जानें इस प्रोजेक्ट के बारें में

भूटान में भारत की सहायता से तैयार किया गया 720 मेगावाट मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (DGPC) को सौंप दिया गया है. 720 मेगावाट की इस परियोजना का कंस्ट्रक्शन वर्ष 2012 में शुरू किया गया था.  

भारत ने 'मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' भूटान को हैंडओवर किया
भारत ने 'मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' भूटान को हैंडओवर किया

Indo-Bhutan hydropower cooperation: भूटान में भारत की सहायता से तैयार किया गया 720 मेगावाट मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट (Mangdechhu Hydroelectric Power Project) को भूटान की ड्रुक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन (DGPC) को सौंप दिया गया है. भूटान के आर्थिक मामलों के मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है. 

यह हैंडओवर भूटान की राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया गया है जिसमें भूटान के आर्थिक मामलों के मंत्री ल्योनपो लोकनाथ शर्मा (Lyonpo Loknath Sharma) और भूटान में भारत के राजदूत सुधाकर दलेला ने भाग लिया.

भूटान के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में भारत का अहम् योगदान रहा है. भारत और भूटान ने इसके साथ ही चार बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.

मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट:

720 मेगावाट की इस परियोजना का कंस्ट्रक्शन वर्ष 2012 में शुरू किया गया था. इसका उद्घाटन पीएम मोदी ने अपने भूटानी समकक्ष लोटे त्शेरिंग (Lotay Tshering) के साथ 2019 में किया था.

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से भूटान की विद्युत ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. जो भूटान की उर्जा जरूरतों को पूरा करेगी. इससे भारत को भी विद्युत ऊर्जा का निर्यात किया जायेगा.

मंगदेछु हाइड्रोपावर एक 750MW रन-ऑफ-रिवर पावर प्लांट है. जो मध्य भूटान के ट्रोंगसा ज़ोंगखग (Trongsa Dzongkhag) जिले में मंगदेछु नदी पर बनाया गया है.   

भारत सरकार और भूटान की सरकार द्वारा गठित, मंगदेछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट अथॉरिटी (MHPA) ने इस परियोजना का विकास किया है.
इस परियोजना को भारत सरकार द्वारा 70% लोन और 30% की अनुदान राशि के माध्यम से फाइनेंस किया गया है.

मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को UK स्थित सिविल इंजीनियर्स संस्थान द्वारा 'ब्रुनेल मेडल फॉर एक्सीलेंस इन सिविल इंजीनियरिंग' अवार्ड  से सम्मानित किया गया है. 

भूटान की ऊर्जा जरूरतों ने भारत का योगदान:

भारत ने भूटान की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भूटान में 10 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के निर्माण में मदद कर रहा है. जिनकी कुल क्षमता 10,000MW की है. मंगदेछु हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट उनमें से एक है.       

भारत-भूटान हाइड्रोपावर कोऑपरेशन की शुरुआत वर्ष 1961 में जलढाका समझौते (Jaldhaka agreement) पर हस्ताक्षर के साथ हुई थी. यह परियोजना पश्चिम बंगाल में भारत-भूटान बॉर्डर के पास भारतीय क्षेत्र में स्थित है.

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