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जाने एन.सी.ई.आर.टी. की किताबों को पढ़ने के 10 फायदे जो और किताबें से नही मिल सकते

Sep 7, 2016 19:00 IST

    सीबीएसई के छात्रों के आलावा स्टेट बोर्ड के छात्रों के लिए भी ये किताब बहुत हद तक उपयोगी होती है खासतौर पर जब स्टेट बोर्ड के छात्र राष्ट्री य लेवल के परीक्षा देते है | सिविल सर्विसेस से लेकर कई अन्य प्रतियोगी परीक्षा के पेपर्स का आधार एनसीईआरटी की किताब ही होती है | अतः एनसीईआरटी की किताब तमाम छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है |
    एनसीईआरटी यानि राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् को प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकें तैयार करने के साथ– साथ उनके वितरण का भी काम दिया गया है। सीबीएसई के छात्रों के लिए ये किताबें बेहद उपयोगी हैं और बोर्ड की परीक्षाओं में 95% से अधिक अंक लाने के लिए इन पाठ्य पुस्तकों को सर्वश्रेष्ठ पुस्तक माना जाता है। हालांकि, ऐसे छात्रों की संख्या भी कम नहीं है जो अन्य किताबों को पढ़ने में ध्यान लगाते हैं और अपना फोकस अलग कर लेते हैं। क्या अन्य किताबों से पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने में कोई नुकसान है ?

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    क्या एनसीईआरटी की किताबें परीक्षाओं के लिए पर्याप्त नहीं हैं? तो इस प्रश्न का जवाब है कि एनसीईआरटी की किताबें सभी प्रकार से समावेशी और अपने स्वयं के अर्थ में पूर्ण हैं | सीबीएसई शायद ही इन किताबों के बाहर से कोई प्रश्न पूछती है। छात्रों को इन किताबों को विस्तार से पढ़ना चाहिए। जहां तक अन्य किताबों का प्रश्न है, तो निश्चित रूप से उनसे पढ़ने से कोई नुकसान नहीं है लेकिन आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपने एनसीईआरटी की प्रत्येक पंक्ति को कवर कर लिया है। अन्य किताबों की पढ़ाई शुरु करने से पहले आपको एनसीईआरटी की किताबों का पूरा अध्ययन कर लेना चाहिए। परीक्षाओं के दौरान अन्य किताबों की तुलना में एनसीईआरटी की किताबों को पढ़ने के दस फायदे ये रहेः
    1. जटिल विषयों के बारे में आपको गहन समझ देते हैं
    एनसीईआरटी की किताबों को छात्रों की बुद्धिमत्ता के स्तर की परवाह किए बगैर सभी प्रकार के छात्रों के लिए डिजाइन किया गया है। ये किताबें आपके संदेहों, अवधारणाओं को स्पष्ट करने और जटिल विषयों की गहन समझ देने के लिए ही बनायी गयी हैं।   
    2. सीबीएसई बोर्ड के ज्यादातर प्रश्न सिर्फ एनसीईआरटी की किताबों से होते हैं
    छात्रों में एनसीईआरटी किताबों के बारे में यह मिथक है कि सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए ये किताबें काफी नहीं हैं। छात्रों को यह जानना चाहिए कि सीबीएसई ज्यादातर प्रश्न सिर्फ एनसीईआरटी की किताबों से ही पूछती है। आपको इन किताबों को बहुत ध्यान से पढ़ना चाहिए क्योंकि आमतौर पर इन किताबों से बाहर के प्रश्न नहीं पूछे जाते।
    3. एनसीईआरटी में अध्यायों के अंत में दिए गए महत्वपूर्ण प्रश्न ज्यादातर घुमाए हुए होते हैं और बोर्ड में पूछे जाते हैं

    एनसीईआरटी की किताबों में अध्याय के अंत में कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न दिए गए होते हैं। ये खाली स्थान भरो, मिलान करो, विवरणात्मक प्रश्न या सिर्फ एक शब्द में उत्तर दें, वाले प्रश्न होते हैं। छात्रों के लिए यह आवश्यक है कि वे इन सभी प्रश्नों का जवाब जानें क्योंकि सीबीएसई अक्सर इन प्रश्नों को ही तोड़– मरोड़ कर बोर्ड की परीक्षाओं में पूछ देती है।  
    4. एनसीईआरटी की किताबें सीबीएसई पाठ्यक्रम का सख्ती से पालन करती हैं
    इसी वजह से ये किताबें छात्रों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होती हैं। एनसीईआरटी की किताबें छात्रों को गहन जानकारी प्रदान करती हैं और पूरी तरह से सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार होती हैं। एनसीईआरटी की किताबें क्या कहने की कोशिश कर रही हैं, को ध्यान से समझ कर बोर्ड की परीक्षा में पूछे जाने वाले किसी भी प्रश्न का आप उत्तर दे सकते हैं।
    5. साइड बुक्स की तुलना में एनसीईआरटी की किताबें आपको अवधारणाओं की स्पष्ट समझ देंगी
    परीक्षाओं के लिए पढ़ने का आदर्श तरीका होगा कि आप सबसे पहले एनसीईआरटी की किताबों की एक– एक पंक्ति पढ़ जाएं और अवधारणाओं को बहुत ध्यान से समझ लें। छात्रों को पढ़ाई के साथ– साथ नोट्स बनाते जाना चाहिए। महत्वपूर्ण बिन्दुओं को लिख लेना चाहिए ताकि इन बिन्दु को दोहराना सरल हो जाए। एनसीईआरटी की किताबें आपको अवधारणाओं की अच्छी समझ देती हैं और यह सुविधा आपको अन्य किताबें नहीं दे पातीं। आप विकल्प के तौर पर साइड बुक्स का प्रयोग कर सकते हैं लेकिन एनसीईआरटी भी आपकी पसंद होनी चाहिए।
    6. सीबीएसई खुद एनसीईआरटी की किताबें पढ़ने की सिफारिश करती है
    बोर्ड की परीक्षा के लिए सीबीएसई खुद एनसीईआरटी की किताबें पढ़ने की सिफारिश करती है और यह स्वयं कहती है कि परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए ये किताबें काफी हैं। सीबीएसई द्वारा किसी भी प्रकार की साइड बुक्स की अब तक सिफारिश नहीं की गई है। सीबीएसई ने सभी निजी स्कूलों को एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि छात्रों पर दूसरी साइड बुक्स का बोझ न डालें।
    7. एनसीईआरटी की किताबें दूसरी साइड बुक्स की तुलना में सरल भाषा में होती हैं
    सीबीएसई द्वारा निर्धारित किताबें यानि एनसीईआरटी की किताबें बेहद सरल भाषा में लिखी और प्रकाशित की जाती हैं। यह सभी छात्रों के लिए अवधारणाओं को समझना आसान बना देती है। साइड बुक्स जटिल और दोहरे मायनों वाली भाषाओं की वजह से अक्सर छात्रों को भ्रमित कर देती हैं। इसलिए सीबीएसई द्वारा सभी छात्रों को सख्ती से सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जाती है।
    8. परीक्षा की तैयारी में एनसीईआरटी की किताबें बहुत समय बचा देती हैं
    चूंकि एनसीईआरटी की किताबें बेहद स्पष्ट और सरल भाषा में लिखी गईं होती हैं, इसलिए परीक्षा की तैयारी के दौरान यह छात्रों का बहुत सारा समय बचा देतीं हैं। ये किताबें छात्रों को कठिन एवं जटिल विषयों को भी तेजी और आसानी से समझने में मदद करती हैं।
    9. एक माह तक एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ें और पुराने प्रश्नपत्रों को हल करें। आप उन्हें तेजी से हल कर पाने में सक्षम होंगे
    एक बार जब आप एनसीईआरटी की किताबों से जुड़ जाएं और एक महीने तक इन किताबों का ईमानदारी से पढ़ाई कर लें तो आप पाएंगे कि आप पुराने प्रश्नपत्रों को तेजी से हल कर पाने में सक्षम हो गए हैं। सीबीएसई जो भी पूछती है वह एनसीईआरटी से ही पूछती है। सिर्फ कुछ आंकड़े और भाषा को आपकी जानकारी की परख के लिए तोड़–मरोड़ के पूछा जाता है।
    10. सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा में अच्छा प्रतिशत प्राप्त करने के लिए एनसीईआरटी की किताबें पर्याप्त हैं
    चूँकि  ये किताबें खुद सीबीएसई द्वारा निर्धारित की गई हैं इसलिए परीक्षा में अच्छे प्रतिशत लाने के लिए ये किताबें किसी भी छात्र के लिए पर्याप्त हैं। छात्रों को एनसीईआरटी की किताबों में दिए गए बैक क्वेश्चन्स का सिर्फ कई बार अभ्यास करने की आवश्यकता है और आपको एनसीईआरटी में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा में ही प्रश्नों का उत्तर देना चाहिए।

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    निष्कर्षः
    अतिरिक्त किताबें या संदर्भ पुस्तकें या साइड बुक्स को पढ़ने में कोई नुकसान नहीं है लेकिन ज्यादातर यह देखा गया है कि ये साइड बुक्स छात्रों को उनके लक्ष्य से भटका देती हैं और उन्हें भ्रमित कर देती हैं। इसलिए, बेहतर है कि आप एनसीईआरटी की ही किताबें पढ़ें और फिर भी यदि आप साइड बुक्स का संदर्भ लेना चाहते हैं तो उसका बहुत ज्यादा उपयोग न करें।

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