टूरिस्ट ऑफिसर का पद केंद्र और राज्य सरकार के पर्यटन से जुड़े मंत्रालयों एवं विभागों, पर्यटन विकास के उपक्रमों (जैसे–भारतीय पर्यटन विकास निगम लिमिटेड), आदि में होता है टूरिस्ट ऑफिसर का पद संबंधित विभाग की रिक्ति के अनुसार द्वितीय श्रेणी के कर्मचारी के रूप में होता है. टूरिस्ट ऑफिसर का कार्य होता है कि वह संबंधित विभाग में पर्यटन के विकास से जुड़े कार्यों का निष्पादन अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से पूरा कराये, विभाग या संगठन द्वारा पर्यटकों को दी जा रही सुविधाओं (निवास, यातायात एवं गाइड) का प्रचार-प्रसार करे, अपने कार्य क्षेत्र और आमतौर पर पूरे राज्य के पर्यटकों के लिए इटीनेररी तैयार कराये, पर्यटन विभाग द्वारा संरक्षित स्थलों की देख-रेख के लिए स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित करे, क्षेत्र/जिले के ट्रवेल एजेंट, टूर ऑपरेटर्स, आदि से लाइजनिंग करे, रेलवे, सड़क एवं हवाई यातायात के संबंधित अधिकारियों से संपर्क स्थापित करे, पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पुस्तिकाओं के विक्रय को बढ़ाने के लिए कार्य करे और पर्यटकों की सहायता के लिए स्थानीय ट्रांसपोर्ट संचालकों और निजी होटलों, धर्मशालाओं, प्रेस-मीडिया, आदि से समन्वय स्थापित करे.
टूरिस्ट ऑफिसर की भूमिका संबंधित विभाग या राज्य में पर्यटन के विकास से जुड़े कार्यों के संचालन के संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण होती है. इसलिए टूरिस्ट ऑफिसर बनने के लिए आवश्यक स्किल्स में से जरूरी है कि आपको पर्यटन स्थलों से लेकर पर्यटकों की सुविधाओं से जुड़े ऑफिशियल कार्यों एवं दायित्वों का पूरी जानकारी हो.
टूरिस्ट ऑफिसर के लिए कितनी होनी चाहिए योग्यता?
टूरिस्ट ऑफिसर बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से पर्यटन प्रशासन या इतिहास में मास्टर्स डिग्री उत्तीर्ण होना चाहिए. टूरिस्ट ऑफिसर बनने के लिए निम्नलिखित योग्यता रखने वाल उम्मीदवारों को वरीयता दी जाती है –
- संबंधित क्षेत्र में पूर्व कार्य का अनुभव
- स्मारकों, आदि के रख-रखाव से संबंधित कार्यों की समझ.
- अंग्रेजी के साथ-साथ स्थानीय या विदेशी भाषा में निपुणता.
टूरिस्ट ऑफिसर के लिए कितनी है आयु सीमा?
टूरिस्ट ऑफिसर बनने के लिए जरूरी है कि उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से 30 वर्ष के बीच हो. हालांकि, कुछ संस्थानों में अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष या अधिक भी हो सकती है. आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा सरकार के नियमानुसार छूट दी जाती है.
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टूरिस्ट ऑफिसर के लिए चयन प्रक्रिया
टूरिस्ट ऑफिसर के पद पर उम्मीदवारों का चयन आमतौर पर शैक्षणिक रिकॉर्ड, लिखित परीक्षा और पर्सनल इंटरवयू के आधार पर किया जाता है. हालांकि, रिक्तियों के अनुरूप यदि कम संख्या में आवेदन प्राप्त होते हैं तो संबंधित संस्थान उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग शैक्षणिक रिकॉर्ड और पर्सनल इंटरव्यू के आधार पर ही कर सकता है.
कितनी मिलती है टूरिस्ट ऑफिसर को सैलरी?
टूरिस्ट ऑफिसर के पद पर छठें वेतन आयोग के पे-बैंड-3 के अनुरूप रु. 15600-39100/- + ग्रेड पे रु. 5400 के अनुसार की सैलरी दी जाती है. वहीं, राज्य सरकारों के विभागों एवं संस्थानों में वेतनमान संबंधित राज्य के समकक्ष स्तर पर निर्धारित वेतनमान के अनुसार दिया जाता है जो कि राज्य के अनुसार अलग-अलग होता है.
टूरिस्ट ऑफिसर की कहां मिलेगी सरकारी नौकरी?
टूरिस्ट ऑफिसर का पद केंद्र और राज्य सरकार के पर्यटन से जुड़े मंत्रालयों एवं विभागों, पर्यटन विकास के उपक्रमों (जैसे – भारतीय पर्यटन विकास निगम लिमिटेड), आदि में होने के कारण इस पद के लिए रिक्तियां समय-समय पर इन्हीं संस्थानों में समय-समय पर निकलती रहती हैं. इन सभी रिक्तियों के बारे में भारत सरकार के प्रकाशन विभाग से प्रकाशित होने वाले रोजगार समाचार, दैनिक समाचार पत्रों एवं सरकारी नौकरी की जानकारी देने वाले पोर्टल्स या मोबाइल अप्लीकेशन के माध्यम से अपडेट रहा जा सकता है.
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