Success Story: UPSC में दो बार फेल होने के बाद आमिर खान ने तीसरे प्रयास में हासिल की 154 रैंक, पूरा किया परिवार का सपना
Success Story: UPSC सिविल सेवाओं के परिणाम जारी हो गए हैं, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों से सफल युवाओं के नाम और उनकी कहानियां सामने आ रही हैं। कुछ युवाओं ने अपने पहले प्रयास में इस परीक्षा को पास किया है, तो कुछ युवाओं ने कई प्रयासों के बाद सफलता के शिखर तक का सफर पूरा किया है। इसी में शामिल है आमिर खान, जिन्होंने असफलता की सीढ़ियां चढ़कर सफलता की कहानी लिखी है।
Success Story: संघ लोक सेवा आयोग( UPSC) की ओर बीते दिनों सिविल सेवा के परिणाम जारी किए गए हैं, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से युवाओं ने सफलता का परचम लहराया है। इसके साथ ही हर दिन हमारे सामने अलग-अलग युवाओं की सफलता की कहानियां आ रही हैं। इसमें कुछ युवाओं ने अपने पहले प्रयास में, तो कुछ युवाओं ने कई प्रयासों के बाद सफलता का स्वाद चखा है। इसी में शामिल है उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले आमिर खान, जिन्होंने दो बार असफल होने के बाद तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। इस लेख के माध्यम से हम आमिर खान की कहानी जानेंगे, जिन्होंने यूपी से दिल्ली तक का सफर पूरा किया और अंत में सफल हुए।
आमिर खान का परिचय
आमिर खान मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिक स्कूली शिक्षा उत्तर प्रदेश से पूरी की। इसके बाद 2012 में सैंट मैरी सीनियर सैंकड्री स्कूल से इंटरमीडिएड की परीक्षा पास की। स्कूली पढ़ाई पूरी होने के बाद उनका दाखिला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हो गया, जहां से उन्होंने बीटेक की डिग्री हासिल की।
बच्चों की पढ़ाई के लिए परिवार ने छोड़ा घर
आमिर के पिता बांदा में एक सरकारी स्कूल में हेडमास्टर हैं। उनके चार बेटी और तीन बेटे हैं, जिसमें आमिर सबसे बड़े हैं। उन्होंने 20 साल पहले बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव का घर, खेती व अन्य चीजे छोड़ दी थी, जिसके बाद वह बांदा में आकर रहने लगे थे। परिवार का सपना था कि बच्चे पढ़-लिखकर बेहतर मुकाम हासिल करें।

कोचिंग के लिए दिल्ली पहुंचे आमिर
आमिर ने अलीगढ़ विश्वविद्यालय से पढ़ने के बाद जामिया की रेजीडेंशियल कोचिंग के बारे में सुना था। ऐसे में उन्होंने इसके लिए आवदेन किया और सेलेक्ट हो गए, जिसके बाद वह दिल्ली चले गए।
दो बार देखी असफलता
आमिर ने दिल्ली में सिविल सेवाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने अपना पहला प्रयास किया, लेकिन वह इसमें असफल रहे। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और दूसरा प्रयास किया, जिसके बाद वह दूसरे प्रयास में भी सफलता हासिल नहीं कर सके।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
आमिर ने अपना तीसरा प्रयास किया और इस बार उन्होंने प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू में बेहतर प्रदर्शन किया, जब परिणाम जारी हुआ, तो उन्होंने 154 रैंक के साथ इस परीक्षा को पास कर लिया था। परिणाम जारी होने के समय आमिर दिल्ली में थे, लेकिन बांदा में उनके घर पर जब यह जानकारी पहुंची, तो उनके घर पर परिवार को बधाई देने वालों का तांता लग गया। आमिर के मुताबिक, यदि सफल होना है, तो इसका एकमात्र तरीका मेहनत ही है। इसके माध्यम से ही आप सफल हो सकते हैं। पढ़ाई के दौरान अधिक किताबों से पढ़ने से बजाय जितना पढ़ा है उसका बार-बार रिविजन करें।
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