देश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी सेवा सिविल सर्विसेज का प्रिलिम्स एग्जाम कैंडीडेट के धैर्य व दृढता की वास्तव में परीक्षा लेता है. चूंकि इस एग्जाम के द्वारा देश के सबसे हाई प्रोफाइल एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसरों का चुनाव किया जाता है, इसलिए इस एग्जाम में कैंडीडेट की तुरत-फुरत निर्णय लेने की क्षमता, इंटर पर्सनल स्किल्स, कम्युनिकेशन स्किल और तार्किक क्षमता का परीक्षण किया जाता है. इस बार की परीक्षा में पहली बार एप्टीट्यूड टेस्ट की शुरुआत की जा रही है जिससे छात्रों के बीच कंपटीशन का स्तर निश्चित रूप से बढेगा, क्योंकि अब वैकल्पिक विषय न होने से सभी के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड होगी.
क्या है प्रश्नों का क्राइटेरिया
पहली बार सिविल सेवा में एप्टीट्यूड टेस्ट हो रहा है इसलिए इस परीक्षा में कैंडीडेट की नॉलेज, कम्प्रीहेंशन और एनालिटिकल स्किल्स का परीक्षण होगा. अभी तक कैट, जीमैट और एमबीए एग्जामिनेशन में ही एप्टीट्यूड टेस्ट होता था. एप्टीट्यूड टेस्ट में स्पीड और एक्यूरेसी दोनों का ही महत्व है. अक्सर एप्टीट्यूड टेस्ट के अंतर्गत दो तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं- स्पीड टेस्ट और पॉवर टेस्ट. स्पीड टेस्ट में प्रश्न सीधे-साधे होते हैं और इसका मकसद उम्मीदवार की स्पीड व एक्यूरेसी दोनों का परीक्षण करना होता है, यहां निश्चित समय के भीतर आपको प्रश्नों को हल करना होता है. तो दूसरी ओर पॉवर टेस्ट में प्रश्नों की संख्या कम होती है, लेकिन उनका स्तर काफी ऊंचा होता है.
आईएएस(प्रा.) परीक्षा 2011 और सी-सैट प्रणाली
देश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी सेवा सिविल सर्विसेज का प्रिलिम्स एग्जाम कैंडीडेट के धैर्य व दृढता की वास्तव में परीक्षा लेता है
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