इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में करियर

Sep 11, 2018 10:34 IST
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परिचय

इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें देश के चेहरे को बदलने और किसी व्यक्ति के उत्कृष्ट करियर को बनाने की क्षमता है. हालांकि चुनौतियों से भरा यह क्षेत्र बेहद फायदेमंद है. इस फील्ड में आप अपने लिए बहुत अधिक धन उत्पन्न कर सकते हैं और उसी दौरान आप देश के लिए कुछ करने की संतुष्टि का भाव भी प्राप्त कर सकते हैं.

इन्फ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट में करियर बनाने के लिए अभ्यर्थी में वे सभी गुण होने चाहिए जिनकी आवश्यकता अपना खुद का बिजनेस खड़ा करने के लिए पड़ती है.इसके लिए आपके इंडस्ट्री में अच्छे कनेक्शन होने चाहिए.बिजनेस करने अथवा बिजनेस प्राप्त करने के लिए इंडस्ट्री के कुछ दिग्गज लोगों के साथ आपके बेहतर और मजबूत सम्बन्ध होने चाहिए.इसके अतिरिक्त लैंड्स,प्लॉट्स,फ्लैट्स,हाउसेज अथवा विला आदि के खरीद तथा बिक्री के लिए आपके पास एक सुदृढ़ सेलिंग स्किल का होना भी अनिवार्य है.

वैश्विक आर्थिक मंदी की वजह से भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट इंडस्ट्री 2009 से ही आर्थिक संकट से जूझ रही है. इस वजह से इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल एस्टेट इंडस्ट्री के बहुत सारे कंसल्टेंट्स बेरोजगार हो गए हैं.हालांकि, स्थिति अब स्थिर है और निर्माण कार्य फिर से पूरी तरह स्टार्ट हो चुका है. इन दोनों ही इंडस्ट्री में अर्निंग का मुख्य सोर्स फलैट्स,प्लॉट्स तथा लैंड ही हैं जिसे बेचकर पैसा कमाया जाता  है.

स्टेप बाई स्टेप

सामान्यतः छात्र अपनी बारहवीं डिस्टेंस लर्निंग से इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल स्टेट से जुड़े कोर्स करके अपना कोर्स चलाने की इच्छा रखते हैं.लेकिन इस फील्ड के टेक्नीकल पक्ष को समझने के लिए या फिर इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल स्टेट में जॉब पाने के लिए उम्मीदवारों को देश के किसी भी इंजीनियरिंग कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग या कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग में डिग्री अवश्य हासिल करनी चाहिए. टेक्नीकल जॉब्स के अतिरिक्त अपनी स्वयं की कंस्ट्रक्शन कंपनी खोलने के लिए सेल्स एंड मार्केटिंग अथवा इंटरनेशनल रिलेशंस में एमबीए अथवा बिजनेस कम्युनिकेशन में एमबीए की डिग्री हासिल की जा सकती है. इस फील्ड में जिस तरह का रोल आपको दिया जाएगा उसमें सेल्स मैनेजर,सेल्स ऑफीसर,कंस्ट्रक्शन ऑफिसर आदि प्रमुख है.

इस फील्ड में काम करने के लिए निम्नाकित स्किल्स की आवश्यकता होती है -

1. कंस्ट्रक्शन और कंस्ट्रक्शन से जुड़े सभी टेक्नीकल पहलु 

2. विभिन्न क्षेत्रों में फ्लैट्स, लैंड तथा प्लॉट्स की प्रति स्क्वायर फुट बाजार दर

3. विभिन्न कंपनियों के स्टॉक और शेयर की वर्तमान स्थिति

4. ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मार्केटिंग,सेल्स तथा मूल्य निर्धारण से जुडी विभिन्न रणनीतियां

5. शेयरधारकों या खरीदारों के एक बड़े नेटवर्क से सम्बन्ध

यदि उपरलिखित सभी गुण आपमें मौजूद हैं तो आप बहुत आसानी से इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं रियल स्टेट के क्षेत्र में आपनी एक पहचान बनाने में सफल हो सकते हैं.

अपनी शुरुआत अति शीघ्र करें

ऊपर बताये गए बातों के आधार पर यदि आप अपना खुद का एक रियल स्टेटे बिजनेस खड़ा (शुरू) करना चाहते हैं तो रॉ मटीरियल,सुपरविजन तथा लेबर के लिए अपने रिस्क पर अपना बिजनेस शुरू करने के लिए आप इंडस्ट्री में अपना संपर्क बना सकते हैं. बैंक से आप अपने बिजनेस के आधार पर लोन भी ले सकते हैं. इसके अतिरिक्त आप सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स करने के बाद जॉब्स के लिए आवेदन भी कर सकते हैं.

क्या यह मेरे लिए सही करियर है?

यदि आपके पास अधिक पैसा कमाने की चाहत,24x7 मेहनत करने का जज्बा,बिल्डर्स,कंसल्टेंट्स,लेबरर्स और साईट मैनेजर की एक टीम को गाइड और सुपरवाईज करने की क्षमता है तो इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट आपके लिए सही करियर है.

पुरानी संपत्तियों,विवादित लैंड,फ्लैट्स तथा प्लॉट्स खरीदकर उसे कानूनी रूप से बिक्री योग्य प्रोपर्टी बनाने का कार्य एक बिल्डर की मुख्य जिम्मेवारी होती है. इसके अतिरिक्त उन्हें सेलिंग का कार्य भी करना पड़ता है. अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए इन्हें कॉर्डिनेशन स्किल्स की भी बहुत अच्छी जानकारी होनी चाहिए. हो सकता है शुरूआती समय में आपको इस फील्ड में जॉब करना थोड़ा मुश्किल लगे लेकिन अन्य व्यवसाय की तुलना में इसमें बहुत अधिक पैसा कमाने का मौका मिलता है.

भारत में कई ऐसी लोकप्रिय वेबसाइट हैं,जैसे इंडियाप्रोपर्टी.कॉम,99एकर्स.कॉम,इंडियाहाउसिंग.कॉम आदि जो पूरे देश में प्रोपर्टी खरीदने तथा बेचने का कार्य करती हैं. ये वेबसाइट खरीदारों और विक्रेताओं के बीच मीडिएटर के रूप में कार्य करती हैं.इनकी मदद से इस फील्ड में जॉब करना बहुत आसान हो जाता है.न्यूज पेपर में ऐड भी डेवलपिंग बिजनेस का मुख्य श्रोत है.

इसकी पढ़ाई में कुल कितना खर्च होगा ?

अपने  संबंधित राज्य में चुने गए प्राइवेट कॉलेज के आधार पर एक सिविल इंजीनियरिंग डिग्री के लिए 60,000 से 1,00,000 रुपये प्रति वर्ष खर्च करना पड़ेगा. इसके अतिरिक्त यदि आप नेशनल एंट्रेंस एग्जाम क्लियर कर

आईआईटी या दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग जैसे किसी भी टॉप कॉलेज में एडमिशन लेने में सफल होते हैं, तो यह फी अलग-अलग हो सकता है.अथवा एक विकल्प के रूप में आप सेल्स और मार्केटिंग में एमबीए कर सकते हैं तथा रियल एस्टेट एजेंसियों में प्रोफेशनल जॉब के लिए अप्लाई कर सकते हैं

ग्रांट्स / स्कॉलरशिप

यदि आप किसी बैंक से ऋण उधार लेना चाहते हैं तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एजुकेशन लोन प्रदान करता है. यह लगभग 75 लाख रूपये तक का लोन प्रदान करता है.चूंकि यह एक सरकारी बैंक है इसलिए इसका पेमेंट प्रोसेस सुरक्षित है.

नौकरी की संभावनाएं

रियल एस्टेट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्री में रियल एस्टेट सेल्स एक्सक्यूटिव,प्रोपर्टी मैनेजर,एस्टेट मैनेजर तथा प्रोफेसर जैसे पोस्ट पर जॉब मिलती है.

जबकि प्रोफेशनल जॉब साईट कई टेक्नीकल जॉब के अवसर प्रदान करती हैं. यदि आप सिविल इंजीनियर या आर्किटेक्चर हैं तो आप कंस्ट्रक्शन कंपनी में जॉब कर सकते हैं. वैसे अन्य फील्ड की तुलना में कंस्ट्रक्शन फील्ड में काम करना थोड़ा मुश्किल होता है.

इसके अतिरिक्त इस फील्ड में सिविल इंजीनियर,इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजर,स्टोर या वेयरहाउस मैनेजर और इन्वेंट्री एक्सक्यूटिव आदि की जॉब भी शामिल है.

सैलरी

रियल एस्टेट सेल्स एक्सक्यूटिव की शुरूआती सैलरी 15000 होती है जो आपके द्वारा लाये गए बिजनेस के आधार पर बढ़कर 50,000 रूपये तक हो सकती. यदि आपकी नियुक्ति कमीशन बेस पर हुई है तो आप अपने द्वारा लाये गए बिजनेस के अनुपात में सैलरी या इंसेंटिव पाएंगे.

सिविल इंजीनियर के रूप में आपका चयन टॉप कम्पनीज में स्ट्रक्चर मैनेजर के रूप में हो सकता है जहाँ आपकी सैलरी 20,000 या 25,000 प्रति माह होगी.

डिमांड और सप्लाई

आईटी इंजीनियर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स और टेली कम्युनिकेशन इंजीनियर्स की तुलना में सिविल इंजीनियर्स की मांग कम है. हालांकि उनकी सैलरी अच्छी होती है तथा उन्हें विदेश जाने का भी मौका मिलता है.

इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केटिंग और इंजीनियरिंग के तहत कंस्ट्रक्शन के लिए मशीनों को खरीदने का कार्य भी किया जाता है.वैसे डिमांड की तुलना में इनकी सप्लाई ज्यादा है.

मार्केट वाच

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार आम तौर पर 2009 के वैश्विक मंदी जैसे आर्थिक संकट के बावजूद भी बढ़ रहा है.

हर दिन न्यूज पेपर में नए कंस्ट्रक्शन, आईटी पार्क, कमर्शियल स्पेसेज और ग्रुप सोसाइटीज के बारे में 1,000 से अधिक विज्ञापन देखने को मिलते हैं.उदहारण के लिए

डीएलएफ, रहेजा या हिरानंदानी जैसे कंस्ट्रक्शन ग्रुप ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अख़बारों में एक बेडरूम, दो बेडरूम और तीन बेडरूम अपार्टमेंट और पर्सनल विला की बिक्री के लिए प्रति स्क्वायर फुट की रियायती कीमतें डालते हैं.

वर्तमान में ये ग्रुप चेन्नई, मुंबई, जैसे मेट्रो शहरों पर फोकस करते हुए मिडिल क्लास फेमिली के लिए अच्छे फ्लैट्स उपलब्ध करा रहे हैं.

इसलिए इस क्षेत्र में इंजीनियर,आर्किटेक्ट और कंस्ट्रक्शन मैनेजर की संख्या अधिक होती है.

इंटरनेशनल फोकस

रहेजा और हिरणंदानी जैसे अधिकांश महत्वपूर्ण बिल्डर्स इमारतों और आईटी पार्कों के निर्माण के लिए नवीनतम मशीनों, प्रोसेस और टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं. उदाहरण के लिए यदि आप गुड़गांव, बैंगलोर, हैदराबाद और चेन्नई के हाई-टेक शहरों के स्काई स्क्रैपर्स पर विचार करें तो पाएंगे कि ये इमारतें 20 मंजिलों से भी काफी अधिक हैं और सॉलिड स्टील पीलर्स और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी कंस्ट्रक्शन टेक्नीक्स पर खड़े हैं. इन टेक्नीक्स को संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और जर्मनी जैसे विकसित देशों से उधार लिया गया है.

अगर संक्षेप में कहें तो यह बिलकुल संभव है कि हमें भारत के अन्दर ही कुछ दिनों में शिकागो तथा न्यूयार्क जैसे एडवांस शहर देखने को मिलेंगे.

पॉजेटिव्स/ निगेटिव्स

पॉजेटिव्स

• इस क्षेत्र में हो रहे तीव्र टेक्नोलॉजीकल डेवेलपमेंट की वजह से नौकरी के बहुत सारे अवसर उत्पन्न होंगे.

• रियल एस्टेट प्रोफेशनल्स चाहे वो कोई भी हो जैसे बिल्डर्स,कंस्ट्रक्ट,सेल्स मैनेजर या इंजीनियर सभी के लिए अर्निंग अपॉरचुनिटी काफी अधिक है. साथ ही इन सभी को सेलिंग स्किल्स तथा रिलेशनशिप मैनेजमेंट की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए. 

निगेटिव्स

• इस इंडस्ट्री में बहुत अधिक उतार चढ़ाव देखने को मिलता है.उदाहरण के लिए 2009 के मंदी के दौरान धन की कमी के कारण कई रियल एस्टेट प्रोफेशनल्स बहुत कमजोर पड़ गए.

•  इस फील्ड में जॉब रिस्की है तथा ट्रैवेलिंग तथा अधिक मात्रा में निवेश करने की जरुरत पड़ सकती है. यदि किसी के पास स्टॉक  और शेयर हैं तो  मार्केट की कीमतों में वृद्धि और गिरावट के आधार पर जोखिम और अधिक बढ़ सकता है.

अलग अलग भूमिकाएं, अलग-अलग नाम

रियल एस्टेट का मतलब है घर ऑफिस आदि से जुड़े बिल्डिंग का निर्माण करना. जबकि इन्फ्रास्ट्रक्चर के बिजनेस में बड़े बड़े पुलों,आईटी पार्क आदि का निर्माण किया जाता है. इन दोनों ही फील्ड में एप्म्लॉयी की जिम्मेदारियां समान ही होती हैं लेकिन इनकी भूमिका तथा दायरा बिलकुल अलग होता है.इस इंडस्ट्री में सेल्स मैनेजर बिक्री का काम करता है. जिस तरह अन्य प्रोफेशन के सेल्स मैनेजर बिक्री का कार्य करते हैं.जैसे बैंक में एक सेल्स मैनेजर ऋण या म्यूचुअल फंड और क्रेडिट कार्ड बेचता है.अन्य इंडस्ट्री की तुलना में इस इंडस्ट्री में इंजीनियर्स और सेल्स मैनेजर को अच्छी सैलरी मिलती है.

टॉप  कम्पनियां  

भारत की टॉप 10 कम्पनियां

1. अंबुजा रियल्टी ग्रुप

2. डीएलएफ बिल्डिंग

3. सन सिटी प्रोजेक्ट्स

4. मर्लिन ग्रुप

5. मैजिक ब्रिक्स

6. घर फॉर यू

7. एनके रिलेटर

8. 99एकर्स

9. मित्तल बिल्डर्स

10. के रहेजा कंस्ट्रक्शन

हायरिंग टिप्स

जब आप किसी एक रियल एस्टेट फर्म में सेल्स मैनेजर या इंजीनियर की पोस्ट के लिए इंटरव्यू देने जाते हैं तो आपको निम्नांकित बातों पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए

  1. अपने कॉन्टैक्ट्स तथा दोस्तों की लिस्ट तैयार रखें, इनसे संपर्क बनाकर आप कोई बिजनेस कर सकते हैं या कोई जॉब पा सकते हैं
  2. कंस्ट्रक्शन से जुड़े नवीनतम टेक्नोलॉजी से अपडेटेड रहें. एम्प्लॉयर को यह बताने का प्रयास करें कि आप सभी मॉडर्न टेक्नोलॉजी के विषय में सही और अपडेटेड जानकारी रखते हैं.
  3.  सही तरीके से ड्रेसअप हों और अच्छी अंग्रेजी बोलें.सभी सेल्स प्रोफेशनल्स तथा इंजीनियरिंग प्रोफेशनल्स का प्रेजेंटेशन काफी महत्वपूर्ण होता है.

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