केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारामन ने लोकसभा में 2019-20 का केन्द्रीय बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार उन एनआरआई को आधार कार्ड जारी करने पर विचार करेगी, जिनके पास भारतीय पासपोर्ट हैं. इसके अलावा उन्होंने एक मिशन लांच करने का प्रस्ताव दिया, जो भारतीय पारम्परिक कारीगरों और उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ेगा. उन्होंने कहा कि जहां भी आवश्यकता होगी इनके लिए पेटेंट और भौगोलिक संकेतक प्राप्त किए जायेंगे.
निर्मला सीतारमन ने अपने भाषण में कहा, ‘भारतीय पासपोर्ट धारक एनआरआई को 180 दिन की आवश्यक सीमा का इंतजार किए बिना आधार कार्ड जारी किया जाएगा.’ वित्त मंत्री की इस घोषणा से एनआरआई लोगों को बहुत फायदा होगा. वे आसानी से अपना केवाईसी पूरा कर सकेंगे और देश के अंदर वित्तीय लेन-देन कर सकेंगे.
एनआरआई लोगों को लाभ
जल्द आधार कार्ड मिलने से एनआरआई को आईटीआर फाइल करने में आसानी होगी. वर्तमान आधार नियमों के मुताबिक देश के हरेक नागरिक को आधार नंबर हासिल करने का अधिकार है. हालांकि भारतीय पासपोर्टधारक एनआरआई को 180 दिन तक इंतजार करना पड़ता है. आधार नंबर हासिल करने में इतना लंबा समय लगने की वजह से अनिवासी भारतीयों को काफी परेशानी होती थी.
गौरतलब है कि मोदी सरकार 2016 से ही प्रवासी भारतीयों को आधार कार्ड से जोड़ने का प्रयास कर रही थी. इस दिशा में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उस समय कहा था कि भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार उन्हें आधार कार्ड देने पर विचार कर रही है. सरकार प्रवासियों को आधार कार्ड देने पर जल्द ही निर्णय लेगी.
4 नए दूतावास
वित्त मंत्री ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में भारत के बढ़ते प्रभाव और नेतृत्व को मजबूती प्रदान करने के लिए सरकार ने दूतावास और उच्चायोग उन देशों में स्थापित करने का निर्णय लिया है जहां अभी तक भारत का रेजीडेंट राजनयिक मिशन नहीं है. वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान सरकार 4 नए दूतावास स्थापित करेगी. इससे विदेश में भारत की उपस्थिति में विस्तार होगा तथा दूतावास स्थानीय भारतीय समुदाय को बेहतर सेवाएं प्रदान करेगी.
मार्च, 2018 में सरकार ने अफ्रीका (रंवाडा, दिजिबाउती, इक्वेटेरियल ग्वीनिया, ग्वीनिया, कांगो गणराज्य, बुरकीना फासो, कैमरून, मॉरीटेनिया, केप वर्दे, सियरा लियोन, चाड, साओ तोम तथा प्रिंसिप, इरीट्रिया, सोमालिया, ग्वीनिया बिसाउ, स्वाजीलैंड, लाईबेरिया और टोगो) में 18 नए भारतीय राजनयिक मिशन स्थापित करने की मंजूरी दी. वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान रंवाडा, दिजिबाउती, इक्वेटेरियल ग्वीनिया, ग्वीनिया गणराज्य और बुरकीना फासो में 5 दूतावास खोले जा चुके है.
आइकॉनिक पर्यटन केन्द्र
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 17 आइकॉनिक पर्यटन केन्द्रों को विश्व स्तरीय गंतव्यों के रूप में विकसित कर रही है, जो अन्य पर्यटन केन्द्रों के लिए एक आदर्श केन्द्र साबित होगा. इससे पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और इन स्थलों पर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी.
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