केएल राहुल, चेतेश्वर पुराजा और रविंद्र जडेजा सहित बीसीसीआइ के केंद्रिय अनुबंध में शामिल पांच भारतीय क्रिकेटर को नाडा की ओर से नोटिस जारी किया गया है. इन खिलाड़ियों में महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी स्मृति मंधाना और दिप्ती शर्मा भी शामिल हैं.
दरअसल ये खिलाड़ी अपने रहने के स्थान के बारे में जानकारी देने में असफल रहे थे और इसी की वजह से नाडा ने ये कदम उठाया है. हालांकि, बीसीसीआई ने देरी के लिये ‘पासवर्ड गड़बड़ी’ का हवाला दिया है. ये राष्ट्रीय पंजीकृत परीक्षण पूल (एनआरटीपी) में शामिल 110 में से पांच क्रिकेटर हैं.
नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने कहा की कि बीसीसीआई ने अपने पांच एनआरटीपी खिलाड़ियों के स्थान की जानकारी का खुलासा करने में असफल रहने के लिये अधिकारिक स्पष्टीकरण भेजा है.
मुख्य बिंदु
• एडीएएमएस (डोपिंग रोधी प्रशासनिक एवं प्रबंधन प्रणाली) साफ्टवेयर में ‘व्हेयरअबाउट्स फार्म’ भरने के दो तरीके हैं. या तो खिलाड़ी खुद ही इसे भरे या फिर संघ उसकी तरफ से यह फार्म भरे.
• कुछ खेलों में एथलीट इतने शिक्षित नहीं होते या फिर उनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं होती तो वे खुद एडीएएमस के इस ‘व्हेयरअबाउट्स’ अनुच्छेद को ढूंढ नहीं पाते या फिर फार्म भरकर इसे अपलोड नहीं कर पाते. उन्हें अपनी संबंधित महासंघ की मदद लेनी पड़ती है. इसलिए महासंघ उनके रहने के स्थल की जानकारी के फार्म को अपलोड करने की जिम्मेदारी लेते हैं.
• क्रिकेट में भी इसी तरह है, हालांकि ये लोग काफी शिक्षित होते हैं और वे ऐसा कर सकते हैं, शायद उनक पास समय नहीं हो, या फिर और कोई कारण हो तो संबंधित महासंघ, बीसीसीआई ने उनके स्थान की जानकारी अपलोड करने की जिम्मेदारी ले ली है.
BCCI की व्याख्या
नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने कहा कि बीसीसीआई के स्पष्टीकरण पर चर्चा होगी कि इसे जानकारी देने में असफल होने के 3 में से एक के तौर पर गिना जाए या नहीं. ये दिए गये स्पष्टीकरण से देखा जायेगा कि बीसीसीआई यहां से आगे कैसे करता है. कोविड-19 के कारण देश में लॉकडाउन लगा था लेकिन खिलाड़ी के अपने स्थान की जानकारी देने का नियम अनिवार्य है. ऐसा 3 बार करने से 2 साल का निलंबन भी लग सकता है.
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