जागरणजोश.कॉम पाठकों की सुविधा हेतु प्रतिदिन के करेंट अफेयर्स से सम्बंधित जानकारी को संक्षिप्त रूप में प्रस्तुत कर रहा है.
तेजिंदर पाल सिंह तूर ने चेक गणराज्य में रजत पदक जीता
शॉटपुट खिलाड़ी तेजिंदर पाल सिंह तूर ने 31 अगस्त 2019 को चेक गणराज्य में अपने अंतिम प्रयास में 20.09 मीटर का थ्रो फेंककर रजत पदक जीता. तेजिंदर पाल सिंह अप्रैल 2019 में एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर विश्व चैंपियनशिप हेतु क्वालिफाई कर चुके हैं. उन्होंने इससे पहले 19.09, 19.15, 19.87 और 19.75 मीटर का थ्रो किया था.
भाला फेंक ऐथलीट शिवपाल सिंह ने भी इसी टूर्नमेंट में अपना स्वर्ण पदक जीता है. शिवपाल सिंह ने 81.36 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया. विपिन कसाना ने 80.13 मीटर थ्रो के साथ रजत पदक जीता है. महिलाओं में अनु रानी 60.87 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. जापान की हरुका कितागुची 61.94 मीटर के थ्रो के साथ पहले स्थान पर रहीं.
निशानेबाजी विश्व कप: यशस्विनी देसवाल ने जीता स्वर्ण पदक
भारत की यशस्विनी देसवाल ने रियो डी जेनेरियो में जारी आईएसएसएफ विश्व कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता. भारत का इस विश्व कप में यह पांचवा पदक है. इस प्रतियोगिता में इससे पहले, अभिषेक वर्मा, सौरभ चौधरी, संजीव राजपूत और ईलावेनिल वालारिवन पदक जीत चुके हैं.
यशस्विनी देसवाल की इस जीत के साथ भारत के अब तीन स्वर्ण पदक के साथ कुल पांच पदक हो गए हैं. इस पदक के साथ भारत अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गया है. विश्व की नंबर वन उक्रेन की ओलेना कोस्तेविच को रजत पदक और सर्बिया की जेसमिना मिलावोनोविच को कांस्य पदक मिला है.
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नारावने बने सेना के नए उप-प्रमुख
लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नारावने ने 01 सितम्बर 2019 को सेना के उप-प्रमुख का पदभार संभाल लिये है. उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल डी अंबू की जगह ली. लेफ्टिनेंट जनरल नारावने इससे पहले सेना की पूर्वी कमान की अगुवाई कर रहे थे जो चीन के साथ लगती भारत की लगभग 4000 किलोमीटर लंबी सीमा की देखभाल करती है.
उन्होंने अपने 37 साल के सेवाकाल के दौरान कई कमान में अपनी सेवा दी. उन्होंने जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में आतंकवाद निरोधिक अभियानों में सक्रिय रहे और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली. वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सेना अकादमी के पूर्व छात्र हैं. उन्हें ‘परम विशिष्ट सेवा पदक’ से सम्मानित किया गया है.
चंद्रयान-2 ऑर्बिटर से सफलतापूर्वक अलग हुआ विक्रम लैंडर
इसरो के अनुसार, चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से विक्रम लैंडर सफलतापूर्वक अलग हो गया है. चंद्रयान-2 ने एक दिन पहले चंद्रमा की पांचवीं और आखिरी कक्षा में प्रवेश किया था. इसके बाद चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की तैयारी के लिए विक्रम दो डीऑर्बिट परफॉर्म करेगा.
चंद्रयान-2 ने 20 अगस्त 2019 को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था. चंद्रयान-2 ने 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा को छोड़ते हुए चन्द्रमा की कक्षा की तरफ कदम बढ़ाया था. चंद्रयान-2 के प्रत्येक कदम को इसरो के वैज्ञानिक मॉनिटर कर रहे हैं. चंद्रयान-2 विश्व का पहला ऐसा स्पेसक्राफ्ट है जो चन्द्रमा के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग करेगा.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation