वर्ष 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों से जुड़े कुछ मामलों को बंद किये जाने के फैसले की जांच हेतु सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक निगरानी समिति गठित की.
• सुप्रीम कोर्ट ने 199 मामलों को विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा बंद किये जाने के फैसले की दोबारा जांच के आदेश दिए.
• दंगों से संबंधित 42 अन्य मामलों की जांच के लिए भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा समिति से कहा गया है.
• समिति से तीन महीने में जांच करके रिपोर्ट मांगी गई है जबकि अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी.
• दंगा मामले में कुल साढ़े छह सौ केस दर्ज हुए थे जिसमें एसआईटी ने 293 केसों की छानबीन की थी और 199 केस बंद करने का फैसला किया था.
• मामले की पिछली सुनवाई के दौरान 24 मार्च को केंद्र सरकार से इन 199 केसों की फाइल पेश करने को कहा गया था.
• इससे पहले अटॉर्नी जनरल ने पीठ से कहा था कि इस घटना को 33 वर्ष बीत गए हैं. पीड़ितों और चश्मदीदों की खबर प्राप्त नहीं हो सकी इसलिए यह जांच संभव नहीं है.
• दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दत्तार ने अटॉर्नी जनरल की दलीलों का विरोध करते हुए कहा था कि अब तक यह जानकारी सार्वजनिक नहीं है कि आखिरकार एसआईटी ने 80 फीसदी मामलों को क्यों बंद कर दिया.
पृष्ठभूमि
एनडीए सरकार ने 12 फरवरी 2015 को आईपीएस अधिकारी प्रमोद अस्थाना की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कपूर और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुमार ज्ञानेश सदस्य हैं. एसआईटी को 293 मामलों की पुन: जांच करने के लिए कहा गया था. इनमें से 199 मामलों को इसलिए बंद कर दिया गया क्योंकि उपलब्ध साक्ष्य को अपर्याप्त बताया गया.
Comments
All Comments (0)
Join the conversation