फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने हाल ही में भारत की सॉवरेन रेटिंग (sovereign rating) के अपने आउटलुक में सुधार किया है. बता दें पहले यह नकारात्मक (Negative) था, जबकि अब इसे स्थिर कर दिया गया है. रिपोर्ट में इसका कारण बताते हुए कहा गया कि देश में तेजी से आर्थिक सुधार के वजह से मध्यम अवधि के दौरान वृद्धि में गिरावट का जोखिम कम हो गया है.
हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग (sovereign rating) को 'बीबीबी' पर कायम रखा है. फिच रेटिंग्स एजेंसी ने हाल ही में भारत की सावरेन रेटिंग के आउटलुक को नेगेटिव से बदलकर स्थिर कर दिया है. एजेंसी ने आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाकर 7.8 प्रतिशत कर दिया है. वहीं, इससे पहले आर्थिक विकास की गति 8.5 फीसदी रहने की आशा जताई गई थी.
Fitch Ratings revises the outlook on India's sovereign rating to ‘stable’ from ‘negative’. pic.twitter.com/BiJ8lg7ZIt
— ANI (@ANI) June 10, 2022
कैसे नेगेटिव से बदलकर स्थिर किया
रेटिंग एजेंसी ने 10 जून 2022 को कहा कि उसने भारत में तेजी से आर्थिक सुधार के वजह से मध्यम अवधि के दौरान ग्रोथ में गिरावट का जोखिम कम हो गया है. यही कारण है कि भारत की रेटिंग को स्थिर पर रखा गया है.
भारत का मजबूत मीडियम-टर्म ग्रोथ
फिच रेटिंग एजेंसी ने अपने बयान में कहा है कि प्रतिस्पर्धियों की तुलना में भारत का मजबूत मीडियम-टर्म ग्रोथ आउटलुक रेटिंग हेतु एक प्रमुख सहायक कारण है. बता दें यह क्रेडिट मेट्रिक्स में क्रमिक सुधार को बनाए रखेगा. फिच ने कहा कि हम साल 2024 और साल 2027 के बीच लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं.
बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाना
बता दें इस आउटलुक के वक्त यह भी ध्यान में रखा गया है कि सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने, सुधार के एजेंडे तथा वित्तीय क्षेत्र में दबाव को कम करने के अहम प्रयास होंगे. इसके बावजूद, बुनियादी ढांचे पर खर्च एवं आर्थिक सुधारों को लागू करने तथा अर्थव्यवस्था की वसूली से जुड़े भविष्य के बदलाव इस पूर्वानुमान हेतु चुनौती भी हो सकते हैं.
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