केंद्र सरकार ने हाल ही में किसान रेल चलाने से संबंधित तैयारियों हेतु एक समिति का गठन किया है. रेलवे और कृषि मंत्रालयों के प्रतिनिधियों वाली समिति योजना के तौर-तरीकों पर काम करेगी. इसके अतिरिक्त, रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उसके पास खाली पडी जमीन पर सौर पैनल लगाए जाने की भी योजना है.
इस समिति में कृषि और रेल मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं. समिति जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं के लिए कोल्ड चैन उपलब्ध कराने पर भी विचार करेगी और इसके लिए प्रशीतित युक्त कोच वाली एक्सप्रेस और मालगाडी चलाई जा सकती है. यह जानकारी रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले सप्ताह लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में साझा की थी.
किसान रेल योजना क्या है?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ‘किसान रेल’ योजना का प्रस्ताव केंद्रीय बजट 2020-21 की प्रस्तुति के दौरान दिया था. रेलवे किसानों के उत्पादों को तेजी से देश में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने हेतु बड़ी संख्या में ट्रेने चलाने की तैयारी कर रहा है. भारतीय रेलवे किसानों हेतु किसान रेल बनाएगी, जो साल 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में सहायता करेगी. यह विशेष तरह की एसी कंटेन वाली ट्रेनें होंगी.
किसान रेल से लाभ
किसानों की फसल ट्रांसपोर्टेशन के समय खराब न हो पाए, इसलिए किसान रेल निजी सार्वजनिक साझेदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत बनाया जाएगा. इस किसान रेल योजना में दूध, मांस, मछली समेत खराब होने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल किया गया है. इस पार्सल वैन में 24 टन का भार उठाने की क्षमता है. इसके अतिरिक्त 16 मिमी की साउंड इंसूलेटेड फ्लोरिग लगाई गई है.
रेलवे चार कार्गो सेंटर बनाएगी
रेलवे ने फल-सब्जियों की लोडिंग-अनलोडिंग हेतु भी योजना तैयार कर लिया है. केंद्र सरकार पायलट परियोजना के तहत चार कार्गो सेंटर बनाएगी. ये कार्गों सेंटर गाजीपुर घाट (यूपी), न्यू आजादपुर (आदर्श नगर, दिल्ली), लासलगांव (महाराष्ट्र) और राजा का तालाब (यूपी) में बनाये जाएंगे.
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पृष्ठभूमि
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में रेलवे के लिए एक ब्लूप्रिंट पेश किया था. रेल मंत्रालय ने बजट में रेल कृषि योजना की घोषणा होने के तुरंत बाद इस पर काम करना शुरू कर दिया है. बजट में खराब होने वाले सामानों हेतु कोल्ड सप्लाई चेन की सहज आपूर्ति का प्रस्ताव है.
रेलवे की योजना एक एग्रीकल्चर लॉजिस्टिक सेंटर बनाने की है. यह एग्रीकल्चर लॉजिस्टिक सेंटर सोनीपत में बनाया जाएगा. भारतीय रेलवे की योजना भविष्य में 98 रेफ्रिजरेटर रेल कंटेनर खरीदने की है. रेल मंत्रालय ने किसान रेल चलाने हेतु रेफ्रिजरेटर युक्त बोगियों की फ्लीट खरीदी है.
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