यूनाइटेड किंगडम (यूके) के 10 जुलाई को जारी किए गए सरकारी आंकड़ों से यह ज्ञात होता है कि, यूनाइटेड किंगडम में भारत 120 परियोजनाओं में निवेश करके और 5,429 नई नौकरियों का सृजन करके ब्रिटेन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बन गया है.
वर्ष 2019-20 के लिए अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विभाग (DIT) के आवक निवेश आंकड़ों से यह पता चला है कि भारत अपने पिछले तीसरे स्थान से आगे बढ़ गया है. वर्ष 2019-20 में 1,852 नए आवक निवेश के साथ, यह वर्ष 2018-2019 में यूके के लिए FDI में कुल 4 प्रतिशत वृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है.
संयुक्त राज्य अमेरिका ने 462 परियोजनाओं और 20,131 नौकरियों की व्यवस्था करके यूके के लिए FDI के प्रथम स्रोत के तौर पर खुद को बनाए रखा है. इसके बाद भारत, जर्मनी, फ्रांस, चीन और होंगकोंग का स्थान है.
मुख्य विशेषताएं
• पिछले वर्ष भारतीय परियोजनाओं की संख्या 106 थी जिसके परिणामस्वरूप 4,858 रोजगारों का सृजन हुआ था. यह यूके में भारत की 120 परियोजनाओं के विपरीत है, जिससे वर्ष 2019-20 के वित्त वर्ष में 5,429 नौकरियों का निर्माण हुआ.
• न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की यहां कुल 72 परियोजनायें हैं और बाल्टिक एवं नॉर्डिक क्षेत्र की कूल परियोजनाएं बढ़कर 134 हो गई हैं.
• इंग्लैंड, उत्तरी आयरलैंड और वेल्स के सभी क्षेत्रों में ऐसी परियोजनाओं की संख्या में वृद्धि हुई है जिनमें प्रत्येक राष्ट्र निवेश करना चाहता है.
• इसके विपरीत, स्कॉटलैंड में पिछले वर्ष की तुलना में इन परियोजनाओं की संख्या में गिरावट देखी गई है.
इंडिया ग्लोबल वीक 2020 के दौरान भारत और ब्रिटेन के संबंध
यूके इंटरनेशनल ट्रेड सेक्रेटरी लिज़ ट्रस ने वार्षिक इंडिया ग्लोबल वीक 2020 के वर्चुअल समिट को संबोधित करते हुए कहा कि, कोविड -19 संकट के बीच, अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को खुला रखने और व्यापार-मार्गों को जीवित रखने के लिए यूके भारत के साथ काम कर रहा है. ट्रस ने यह कहा कि. जैसे ही हम कोविड से छुटकारा पाते हैं, यह अनिवार्य तौर पर महत्वपूर्ण है कि हम संरक्षणवाद की ओर नहीं बढ़ें.
वर्ष 2020 में एक योजनाबद्ध आभासी भारत-यूके संयुक्त आर्थिक और व्यापार समिति (JETCO) शिखर सम्मेलन के संदर्भ में, उन्होंने यह कहा कि, व्यापार के विभिन्न क्षेत्रों में, ब्रिटेन ज्यादा प्रतीक्षा नहीं कर रहा है और वर्तमान संकट के दौरान भारत और ब्रिटेन दोनों बातचीत कर रहे हैं.
ब्रिटेन में बढ़ा निवेश
यूके FDI के नवीनतम आंकड़ों से यह पता चला है कि, विदेशी निवेश के कारण नई नौकरियों की संख्या में गिरावट आई है - जबकि एक अन्य वैश्विक रुझान जैसा कि वर्ष 2020 में एक अन्य FDI रिपोर्ट में देखा गया है - FDI द्वारा सुरक्षित नौकरियों की संख्या में 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
DIT के अनुसार, इसने वर्ष 2018-19 की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक नौकरियों की सुरक्षा के लिए मौजूदा निवेशकों के साथ मिलकर काम किया है. यह एक व्यापक श्रेणी के समर्थन को भी प्रदर्शित करता है जो यह निवेश को बढ़ावा देकर यूके की अर्थव्यवस्था को प्रदान कर रहा है.
इस आभासी शिखर सम्मेलन के दौरान, लिज़ ट्रस ने यह भी उल्लेख किया कि, इसके अलावा, यह जारी किए गए आंकड़े यूके की अर्थव्यवस्था के लचीलेपन और यूके में आवक निवेश के निर्माण को आकर्षित करने के लिए सरकार के काम को प्रदर्शित करते हैं. उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि, जीवन विज्ञान, उन्नत विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख विकासशील क्षेत्र इस देश को महामारी के बाद के पुनर्विकास में मदद करेंगे.
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