भारत ने सीरिया में खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने हेतु दो हजार टन चावल उपहार के तौर पर दिया है. विदेश मंत्रालय ने 12 फरवरी 2021 को एक बयान में कहा कि एक हजार टन की पहली खेप 11 फरवरी 2021 को सीरिया पहुंच गई.
सीरिया में भारत के राजदूत हिफजुर रहमान ने वहां के स्थानीय प्रशासन मंत्री और राहत समिति के प्रमुख हुसैन मुखलौफ को पहली खेप सौंपी थी. शेष एक हजार टन चावल भी 18 फरवरी तक सीरिया पहुंच जाने की उम्मीद है.
चावल देने का अनुरोध
मंत्रालय ने बताया कि सीरिया की सरकार ने आपातकालीन मानवीय सहायता के तौर पर भारत से चावल देने का अनुरोध किया था. बयान में कहा गया है कि भारत और सीरिया के बीच घनिष्ट और दोस्ताना संबंध रहे हैं.
Govt. of India’s humanitarian assistance of 2000 MT rice as Gift for People & Govt of Syria arrives in Latakia. Amb Hifzur Rahman presents the gift to Syrian Minister of Local Admin, Head of Supreme Relief Com. Eng Makhlouf@DrSJaishankar @MEAIndia @SecySanjay @IndianDiplomacy pic.twitter.com/ivoUnjSXsN
— India in Damascus (@eoidamascus) February 11, 2021
2,000 मीट्रिक टन चावल
भारत के राजदूत ने कहा कि सीरिया अरब गणराज्य की ओर से आपात मानवीय सहायता का अनुरोध प्राप्त हुआ था. इसके जवाब में भारत सरकार सीरिया में खाद्य सुरक्षा को मजबूती देने के लिए उसे 2,000 मीट्रिक टन चावल भेंट कर रही है.
भारत-सीरिया संबंध: एक नजर में
भारत और सीरिया के बीच द्विपक्षीय संबंध ऐतिहासिक हैं जहां दोनों के बीच प्राचीन सभ्यता के संबंध हैं. भारत और सीरिया के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं, पर शीत युद्ध में सीरिया गुटनिरपेक्ष देश रहा है जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत राजनैतिक संबंध रहे हैं.
भारत ने हमेशा गोलान पठार के मामले में इजराइल की जगह सीरिया का साथ दिया है. इसके बदले में भारत को कश्मीर मुद्दे पर सीरिया का साथ मिला है. इसके अतिरिक्त दोनों देशों के बीच शैक्षणिक, तकनीकी और विज्ञान के क्षेत्र में भी सहयोग होता रहा है.
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