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वर्ष 2020 में भारत की अर्थव्यवस्था में आई 9 फ़ीसदी गिरावट: एशियाई विकास बैंक

हालांकि, ADB ने यह उम्मीद जाहिर की है कि, भारत वर्ष 2021 में 8% की वृद्धि के साथ आर्थिक विकास की राह पर वापस आएगा, क्योंकि देश आर्थिक तबाही से उभरना शुरू कर देगा.

Sep 16, 2020 17:00 IST
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15 सितंबर, 2020 को एशियाई विकास बैंक (ADB) ने यह घोषणा की है कि, वर्ष 2020 में भारत की अर्थव्यवस्था में 9% तक गिरावट आने की उम्मीद है, जो 4 महीने पहले इस बैंक द्वारा पूर्वानुमानित 4% गिरावट से भी बदतर है.

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ने रिकॉर्ड 23.9% की गिरावट दर्ज की थी क्योंकि कोविड -19 लॉकडाउन के कारण कारोबार ठप हो गये थे और उपभोक्ता खर्च में काफी कमी देखी गई थी.

हालांकि, ADB ने यह उम्मीद जाहिर की है कि, भारत वर्ष 2021 में 8% की वृद्धि के साथ आर्थिक विकास की राह पर वापस आएगा, क्योंकि देश उस आर्थिक तबाही से उभरना शुरू कर देगा जोकि मौजूदा कोविड - 19 के कारण हुई है.

मुख्य विशेषताएं

•    एशियाई विकास आउटलुक (ADO) 2020 के अद्यतन में विकासशील एशिया के लिए वर्ष 2020 में नकारात्मक 0.7% जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है, जोकि 1960 के दशक की शुरुआत के बाद से अपनी पहली नकारात्मक आर्थिक वृद्धि को दर्शाता है.

•    यह आर्थिक विकास वर्ष 2021 में 6.8% तक बढ़ जाएगा, क्योंकि यह एक कमजोर 2020 के सापेक्ष मापा जाएगा, जोकि अगले वर्ष के उत्पादन को पूर्व-कोविड -19 अनुमानों से निचले स्तर पर छोड़ देगा.

•    वर्ष 2020 में इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं में लगभग तीन-चौथाई नकारात्मक वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है.

•    ADB के मुख्य अर्थशास्त्री, यासुयुकी सवादा के अनुसार, एशिया और प्रशांत क्षेत्र की अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं में वर्ष 2020 के शेष महीनों में विकास के कठिन दौर की उम्मीद की जा सकती है.

•    कोविड - 19 महामारी से होने वाला आर्थिक खतरा अभी बना ही हुआ है क्योंकि इस महामारी के शुरू में होने वाले प्रसार या दुबारा प्रकोप फैलने से रोकथाम के उपायों को आगे बढ़ाया जा सकता है.

ADB के मुताबिक कोविड -19 के एशिया की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

•    ADB के अनुसार, लंबी कोविड - 19 महामारी वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में इस क्षेत्र की वृद्धि के लिए सबसे बड़ा नकारात्मक जोखिम बनी हुई है.

•    भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न अन्य नकारात्मक जोखिम में, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच प्रौद्योगिकी और व्यापार संघर्ष में वृद्धि भी शामिल है.

•    चीन भी इस क्षेत्र की उन कुछ अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जो मंदी की मार झेल रही हैं. चीन में वर्ष 2020 में 1.8% और वर्ष 2021 में 7.7% के विकास के साथ सफल सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के लिए एक मंच प्रदान करने की उम्मीद है.

•    पूर्वी एशिया को छोड़कर, विकासशील एशिया के अन्य सभी उप-क्षेत्रों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज करने की उम्मीद जताई जा रही है. पूर्वी एशिया वर्ष 2020 में 1.3% तक विकास करेगा और वर्ष 2021 में इसके द्वारा दृढ़ता से 7% तक पुनर्विकास करने का पूर्वानुमान लगाया गया है.

•    ऐसी कुछ अर्थव्यवस्थायें, जो व्यापार और पर्यटन पर बहुत अधिक निर्भर करती हैं, विशेष रूप से दक्षिण एशिया में, और प्रशांत क्षेत्र वर्ष 2020 में दोहरे अंकों की गिरावट का सामना कर सकते हैं.

•    ADB के पूर्वानुमानों के अनुसार, वर्ष 2021 में प्रशांत क्षेत्र की कुछ अर्थव्यवस्थाओं को छोड़कर, अधिकांश विकासशील एशियाई देश अपनी आर्थिक रिकवरी कर लेंगे.

•    विकासशील एशियाई क्षेत्रों के लिए मुद्रास्फीति का पूर्वानुमान अप्रैल, 2020 में घोषित किये गये 3.2% पूर्वानुमान से अब वर्ष 2020 के अंत तक 2.9% तक संशोधित किया गया है, जो तेल की कीमतों में वृद्धि और कमजोर मांग के कारण है. वर्ष 2021 के लिए मुद्रास्फीति के 2.3% तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है.

जोखिम को कम करने के लिए नीतियां

कोविड-19 के कारण होने वाले जोखिम को कम करने के लिए, इस क्षेत्र की सरकारें नीति समर्थन पैकेजों सहित व्यापक नीतिगत प्रतिक्रियाएं दे रही हैं, जोकि 3.6 ट्रिलियन डॉलर या क्षेत्रीय जीडीपी के लगभग 15% हिस्से के बराबर है.

इस महामारी से निपटने के लिए, सबसे कमजोर लोगों की आजीविका पर ध्यान केंद्रित करने और जीवन की रक्षा करने वाली नीतिगत प्राथमिकताओं के साथ-साथ ऐसे लोगों की काम पर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने और व्यावसायिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए समन्वित और सुसंगत कदम इस क्षेत्र का समावेशी और टिकाऊ पुनर्विकास  सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे.