सीजेआई रंजन गोगोई मामलाः इंदू मल्होत्रा जांच समिति में शामिल

Apr 26, 2019, 12:53 IST

सुप्रीम कोर्ट ने इस इस मामले में विभागीय जांच के आदेश देते हुए तीन सिटिंग जज- जस्टिस एसए बोबड़े, एनवी रमन और इंदिरा बनर्जी की समिति का गठन किया था लेकिन जस्टिस एनवी रमन ने जांच में शामिल होने से इंकार कर दिया है.

Indu Malhotra part of panel to probe case against CJI
Indu Malhotra part of panel to probe case against CJI

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय जांच समिति में 25 अप्रैल 2019 को जस्टिस इंदू मल्होत्रा को शामिल किया गया है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस इस मामले में विभागीय जांच के आदेश देते हुए तीन सिटिंग जज- जस्टिस एसए बोबड़े, एनवी रमन और इंदिरा बनर्जी की समिति का गठन किया था लेकिन जस्टिस एनवी रमन ने जांच में शामिल होने से इंकार कर दिया है.

जांच समिति से जस्टिस एनवी रमन हटे

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न मामले की जांच के लिए बनाए गए तीन सदस्यीय पैनल से 25 अप्रैल को जस्टिट एनवी रमन ने खुद को अलग कर लिया है. जस्टिस रमन को जाँच में शामिल किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जूनियर असिस्टेंट ने ये कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी कि वो मुख्य न्यायाधीश के क़रीबी हैं जिस वजह से उन्हें ये शंका है कि उनकी शिकायत की निष्पक्ष सुनवाई नहीं होगी.

अपने बयान में महिला कर्मचारी ने कहा था कि 'जस्टिस रमन सीजेआई के क़रीबी मित्र और घर के सदस्य जैसे हैं. जस्टिस रमन ने जस्टिस बोबड़े को एक पत्र लिख कर समिति से खुद को अलग कर लिया. उन्होंने अपने खिलाफ महिला द्वारा दिए गए आधार (सीजेआई का मित्र और परिवार के सदस्य जैसा होने संबंधी) को बेबुनियाद करार दिया है. उन्होंने कहा कि वह इसे सिरे से खारिज करते हैं.

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अन्य जानकारी:

शिकायतकर्ता ने समिति के समक्ष पेश होते वक्त अपने साथ एक वकील लाने और समिति की कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग का अनुरोध किया है ताकि जांच में जो कुछ भी हुआ उसके बारे में किसी प्रकार का विवाद नहीं हो.

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसए बोबड़े ने कहा की ये न्यायिक जांच नहीं बल्कि एक विभागीय जांच है.

पृष्ठभूमि:

मुख्य न्यायाधीश के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद 23 अप्रैल 2019 को एक फुल बेंच के आदेश पर पैनल गठित किया गया था. इसमें जस्टिस एसए बोबड़े, एनवी रमन और इंदिरा बनर्जी को शामिल किया गया था. जस्टिस एसए बोबड़े सुप्रीम कोर्ट में रंजन गोगोई के बाद सबसे वरिष्ठ जज हैं और वही इस पैनल की अगुवाई कर रहे हैं.

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद 20 अप्रैल 2019 को जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने मामले पर गौर किया था. जस्टिस गोगोई पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा के ख़िलाफ़ प्रेस कांफ्रेंस करने वाले चार न्यायाधीशों में शामिल थे.

Vikash Tiwari is an content writer with 3+ years of experience in the Education industry. He is a Commerce graduate and currently writes for the Current Affairs section of jagranjosh.com. He can be reached at vikash.tiwari@jagrannewmedia.com
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